सोशल संवाद/डेस्क : निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संबंधित क्षेत्र में स्थित जल हाइड्रेंट को नई R&D परियोजना परिसर से 50 मि.मी. HDPE पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार प्रारंभ में हाइड्रेंट से गंदा पानी आ रहा था।

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R&D परिसर के भीतर निरीक्षण करने पर 100 मि.मी. एवं 150 मि.मी. व्यास की कास्ट आयरन (C.I.) पाइपलाइनों में तीन स्थानों पर लीकेज पाए गए हैं।उक्त लीकेज की मरम्मत का कार्य दिनांक जनवरी 9 2026 को किया जाएगा। एहतियातन, मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक हाइड्रेंट की जलापूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
जनता को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में ट्रॉली टैंकर द्वारा जलापूर्ति की जा रही है।मरम्मत कार्य पूर्ण होने के पश्चात जल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी तथा जल सुरक्षित पाए जाने के बाद ही हाइड्रेंट से जलापूर्ति पुनः प्रारंभ की जाएगी।विभाग द्वारा समस्या के त्वरित समाधान एवं जनता को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।










