Image Slider
Dr Abhishek Child Care
Puja Swite Advertisement

Purulia Kudmi Rally: जयराम महतो पर शुभेंदु अधिकारी का पलटवार, बोले- चुनावी नेताओं के बहकावे में न आए समाज

By Riya Kumari

Published :

Follow
Purulia Kudmi Rally: जयराम महतो पर शुभेंदु अधिकारी का पलटवार, बोले- चुनावी नेताओं के बहकावे में न आए समाज

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में आयोजित कुड़मी करमा महोत्सव सह महाजुटान रैली में राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बिना नाम लिए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता और डुमरी विधायक जयराम महतो पर निशाना साधा। उन्होंने कुड़मी समाज से अपनी मांगों और अधिकारों के लिए राजनीतिक एवं संवैधानिक स्तर पर संगठित होकर आगे बढ़ने की अपील की।

यह भी पढे : Tata Group विवाद में आमने-सामने Harish Salve और Abhishek Manu Singhvi, Tata Trusts और Tata Sons के बीच बढ़ी कानूनी खींचतान

‘चुनावी नेताओं के बहकावे में न आए समाज’

रैली को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कुड़मी समाज को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो उनकी मांगों को राजनीतिक और संवैधानिक मंच पर मजबूती से रख सके। उन्होंने समाज के लोगों से किसी के बहकावे में नहीं आने और अपनी संस्कृति, कुड़माली भाषा तथा एसटी दर्जे की मांग को लेकर एकजुट रहने की बात कही।

बीजेपी फंडिंग के दावे पर भी आया बयान

शुभेंदु अधिकारी ने रैली के आयोजक अजीत महतो की बात का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड में एक नए नेता द्वारा इस कार्यक्रम को बीजेपी के पैसे से आयोजित किए जाने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने इस तरह के दावों के बीच युवाओं से समाज के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।

कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल कराने की बात

कार्यक्रम के दौरान कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग भी उठी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस मांग को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जा रहा है और इस दिशा में सकारात्मक पहल जारी है।

जयराम महतो ने पहले क्या कहा था?

रैली से पहले जयराम महतो ने पुरुलिया में होने वाले कुड़मी महाजुटान को लेकर सवाल उठाए थे। प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दावा किया था कि कार्यक्रम के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा का राजनीतिक हाथ है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि यदि यह विशुद्ध रूप से सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम है तो वह इसका स्वागत करते हैं। जयराम महतो ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी थी।

ST दर्जे की मांग पर भी चर्चा

पुरुलिया के इस महाजुटान में कुड़मी समाज की अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जे की मांग प्रमुख मुद्दों में रही। कुड़मी समाज की ओर से लंबे समय से ST सूची में शामिल करने और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई जाती रही है।

रैली में हुई राजनीतिक बयानबाजी के बाद यह मुद्दा झारखंड और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों के राजनीतिक विमर्श में चर्चा का विषय बन गया है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version