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राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ लाठीचार्ज में घायल छात्रों से आरएमएल अस्पताल में मुलाकात की

By Riya Kumari

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राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ लाठीचार्ज में घायल छात्रों से आरएमएल अस्पताल में मुलाकात की
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सोशल संवाद / नई दिल्ली  : छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई अन्य विपक्षी नेताओं को मंगलवार देर शाम दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी को तो दिल्ली पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण तरीके से जमीन पर घसीटते हुए हिरासत में लिया गया।

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इससे पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा ने दिल्ली में छात्रों पर की गई दमनकारी कार्रवाई के विरोध में पार्टी सांसदों के साथ पैदल मार्च कर प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत बड़ी संख्या में सांसद और वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान प्रतीकात्मक तौर पर हाथों में हथकड़ियां भी पहनीं।

पार्टी नेताओं की मांग थी कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ छात्रों पर बेरहमी से की गई कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस्तीफा दें। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मोदी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए यह भी कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष को संसद में बोलने तक नहीं दिया जा रहा है। दोपहर को राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ आरएमएल अस्पताल जाकर लाठीचार्ज में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

इससे पहले संसद भवन परिसर में पत्रकारों के साथ बातचीत में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया, जिससे कई छात्र अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस अत्याचार पर सदन में चर्चा और गृह मंत्री से जवाब चाहती थी, लेकिन हमारे एक शब्द बोलते ही माइक बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात  सुनना ही नहीं चाहती। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या यह लोकतंत्र है? प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आखिर लाठीचार्ज क्यों किया गया? अगर इन मुद्दों पर संसद में भी चर्चा नहीं होगी, तो विपक्ष अपनी बात कहां उठाएगा?

खरगे ने आगे कहा कि सरकार खुद देश में अराजकता का माहौल पैदा कर रही है और लोगों को उकसा रही है ताकि उन पर लाठीचार्ज करवाकर, मार-पीटकर उन्हें जेल में डाला जा सके। उन्होंने कहा कि सोमवार को विपक्षी सांसदों को सदन से बाहर नहीं निकलने दिया गया था। उन्होंने कहा कि देश अराजकता की ओर बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह इसे नियंत्रित नहीं करना चाहते।  इससे पहले खरगे ने सदन में सत्तापक्ष के भारी व्यवधान के बीच छात्रों पर हुई क्रूरतापूर्ण कार्रवाई का मुद्दा उठाया, लेकिन सदन स्थगित कर दिया गया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छात्र देश की ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, ऐसे में उनके साथ मारपीट बिल्कुल गलत है। उन्होंने बताया कि जब विपक्ष ने छात्रों के मुद्दे पर चर्चा की मांग की, तो स्पीकर ने कहा कि इसके लिए उन्हें सरकार से इजाजत लेनी होगी।

राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का इकलौता दरवाजा खुला था, लेकिन उसे भी तबाह कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है।

राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा प्रणाली पर आरएसएस का कब्जा होता जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर छात्रों को पीटा गया और गृह मंत्री प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह मांग भी की कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर देश के छात्रों से माफी मांगें और पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दमनकारी कार्रवाई रुकवाएं।

वहीं प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। माता-पिता कर्ज लेकर अपने बच्चों को कोचिंग संस्थानों में पढ़ाते हैं। युवा सालों-साल संघर्ष कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक हो जाता है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह संसद देश के उन्हीं युवाओं की है, जिन पर बाहर लाठियां बरसाई जा रही हैं और आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से यह सरकार नैतिक जिम्मेदारी लेने के बजाय दमन की राह पर चल रही है। विपक्ष संसद में इस मुद्दे पर चर्चा चाहता है, लेकिन उसे बोलने तक नहीं दिया जा रहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी युवा, गरीब और किसान विरोधी हैं। उन्होंने मांग की कि युवाओं की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जाए।

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