सोशल संवाद / रांची : सीआईडी की एसआईटी ने शुक्रवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के दफ्तर में दिनभर छापेमारी की। इस दौरान सीजीएल समेत अन्य परीक्षा से जुड़े दस्तावेज खंगाले। कई दस्तावेजों को जब्त कर साथ ले गए। इन दस्तावेजों का सत्यापन भी आयोग के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से कराया।
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सीआईडी की टीम दिन के 10 बजे डीएसपी अरविंद कुमार के नेतृत्व में जेएसएससी दफ्तर पहुंची थी। टीम ने परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट, परीक्षा एजेंसी से जुड़े पत्र और काम के आवंटन के विषय में दस्तावेजों को खंगाला। वहीं जब्त कागजातों का सत्यापन आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से कराया। हालांकि सीआईडी ने सचिव से पूछताछ की बात से इनकार किया है। देर शाम तक जांच के बाद टीम मौके से निकली।
जानकारी के मुताबिक, सीजीएल परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र की छपाई का काम आईसीएन को दिया गया था। इस कंपनी के चयन से जुड़े दस्तावेज भी सीआईडी ने जब्त किए हैं।
सीजीएल सफल 20 अभ्यर्थियों से शुक्रवार को भी पूछताछ की गईः
सीआईडी की एसआईटी ने शुक्रवार को भी सीजीएल से सफल 20 अभ्यर्थियों से पूछताछ की। जांच एजेंसी एजेंसी उन तमाम सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है जो इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में आए थे। वैसे अभ्यर्थियों से भी बारी-बारी से पूछताछ की जा रही है, जिनका नाम सीआईडी को मिल रही शिकायतों में सामने आये थे। एजेंसी की टीम अबतक 250 से अधिक सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी को इस मामले में आगे पूछताछ में कई अहम जानकारी मिल सकती है।
सोमांश प्रकाश व राहुल को आज भेजा जाएगा जेल
सीआईडी ने आईसीएन कंपनी से जुड़े सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार से भी शुक्रवार को रिमांड पर पूछताछ की। सीआईडी ने पेपरलीक के पहलुओं पर बीते सात दिनों तक दोनों से पूछताछ की है। शनिवार को दोनों को सीआईडी रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज देगी। सोमांश प्रकाश व राहुल के बयान में पेपर लीक में मुख्य तौर पर मिथलेश सिंह की भूमिका बतायी गई है। मिथलेश सिंह की तलाश में पुलिस की टीम बिहार, यूपी व दिल्ली में कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है, हालांकि अबतक उसके संबंध में कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
रांची और हजारीबाग में लिखवाई गईं कॉपियां
जेपीएससी के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (एफआरओ) परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सीआईडी जांच में यह सामने आया है कि इन दोनों परीक्षाओं में करीब 100 अभ्यर्थियों से पैसे लेकर पीटी और मुख्य परीक्षा में पास कराने की सेटिंग की गई थी। हजारीबाग व रांची में सॉल्वर गैंग से उत्तर पुस्तिकाएं लिखवाई गई थीं।









