Responsive Full Width Slider

चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों की देरी पर रेलवे सख्त, बढ़ी निगरानी; नई लाइनों और सुविधाओं से जल्द मिलेगा राहत

By Muskan Thakur

Published :

Follow

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/जमशेदपुर: चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर यात्रियों को हो रही परेशानी पर रेलवे प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। मंडल प्रशासन ने साफ किया है कि वह यात्रियों की असुविधा, चिंता और कठिनाइयों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

ये भी पढे : टिनप्लेट डिवीजन का अग्नि सुरक्षा सत्र, छात्राओं को मिली प्रशिक्षण व जागरूकता

रेलवे के अनुसार, मंडल के सभी कर्मचारी मैदानी स्तर से लेकर अधिकारियों तक 24 घंटे (24×7) पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्यरत हैं। हालांकि, वर्तमान में कुछ आवश्यक आधारभूत और तकनीकी चुनौतियों के कारण ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित हो रही है। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए रेलवे युद्धस्तर पर काम कर रहा है, ताकि निकट भविष्य में यात्रियों को सुगम, बाधारहित और समयनिष्ठ यात्रा मिल सके।

24 घंटे निगरानी और त्वरित कार्रवाई

रेलवे द्वारा सभी यात्री ट्रेनों के परिचालन की 24×7 सतत निगरानी की जा रही है, ताकि ट्रेनों का समय पर संचालन सुनिश्चित किया जा सके। इससे देरी को कम करने में मदद मिल रही है।

अल्पकालिक सुधार: NI कार्य से बढ़ी कनेक्टिविटी

संतरागाछी और आदित्यपुर स्टेशनों पर Non-Interlocking (NI) कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके परिणामस्वरूप तीसरी लाइन की कनेक्टिविटी आसानबोनी से सलगाजुड़ी तक स्थापित हो चुकी है।

टाटानगर स्टेशन पर फिलहाल तीसरी लाइन की कमी और प्लेटफॉर्म सीमित होने के कारण ट्रेनों के संचालन में दिक्कत होती है। खड़गपुर दिशा में केवल 2 प्लेटफॉर्म और आदित्यपुर दिशा में 3 प्लेटफॉर्म होने से दबाव बढ़ता है। जल्द ही टाटानगर में NI कार्य शुरू किया जाएगा, जिसके बाद तीसरी लाइन की कनेक्टिविटी झारसुगुड़ा तक विस्तारित होगी और संचालन में उल्लेखनीय सुधार होगा।

दीर्घकालिक योजनाएं: लूप लाइन और प्लेटफॉर्म विस्तार

मंडल में मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के बेहतर संचालन के लिए विभिन्न स्टेशनों पर लूप लाइनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इससे ट्रेनों को रास्ता देने और आगे बढ़ने में सुविधा होगी।

बिराजपुर, सिनी, कांड्रा, हल्दीपोखर और बिरीबांस जैसे स्टेशनों पर अतिरिक्त लूप लाइन का विस्तार किया जा रहा है। आने वाले महीनों में कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन मुख्य लाइन या प्लेटफॉर्म लाइन पर निर्बाध रूप से हो सकेगा।

इसके अलावा टाटानगर स्टेशन पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म के निर्माण का प्रस्ताव है, जिससे अधिक ट्रेनों का सुगमता से आवागमन सुनिश्चित होगा। साथ ही, प्लेटफॉर्म की कमी के कारण गम्हरिया, आदित्यपुर और कांड्रा स्टेशनों पर होने वाले अनियंत्रित ठहराव को भी समाप्त किया जाएगा।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से मिलेगा बड़ा फायदा

चक्रधरपुर मंडल से गुजरने वाले दानकुनी से सूरत तक लगभग 1,868 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) का निर्माण प्रस्तावित है। इसके शुरू होने से मालगाड़ियों को अलग मार्ग मिलेगा और यात्री ट्रेनों के लिए विशेष लाइन उपलब्ध होगी, जिससे देरी में बड़ी कमी आएगी।

तीन वर्षों में 24 नई कोचिंग ट्रेनें शुरू

यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पिछले तीन वर्षों में टाटानगर खंड में 24 नई कोचिंग ट्रेनों की शुरुआत की गई है।

वर्ष 2023-24 में शुरू ट्रेनें:

  • 20897/20898 हावड़ा–रांची–हावड़ा
  • 18050/18049 शालीमार–बरामपुर–शालीमार
  • 18051/18052 बरामपुर–राउरकेला–बरामपुर
  • 68044/68043 टाटा–राउरकेला–टाटा
  • 68133/68134 टाटा–बरामपुर–टाटा
  • 68135/68136 टाटा–बरामपुर–टाटा
  • वर्ष 2024-25 में शुरू ट्रेनें:
  • 18119/18120 टाटा–जयनगर–टाटा
  • 20871/20872 हावड़ा–राउरकेला–हावड़ा
  • 20891/20892 टाटा–बामरा–टाटा
  • 20893/20894 टाटा–पटना–टाटा
  • वर्ष 2025-26 में शुरू ट्रेनें:
  • 68137/68138 टाटा–चक्रधरपुर–टाटा
  • 68127/68128 टाटा–चक्रधरपुर–टाटा

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देना और ट्रेनों को समय पर चलाना है। आने वाले समय में इन योजनाओं के पूरा होने पर टाटानगर और चक्रधरपुर मंडल में रेल परिचालन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट