सोशल संवाद / रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद महिला व बाल विकास विभाग में 2,019 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके तहत महिला पर्यवेक्षिका, सीडीपीओ, सेविका और सहायिका भर्ती को विभाग ने समयसीमा तय कर दी है। इसके अनुसार सितंबर तक जिला और प्रखंड स्तर पर विशेष अभियान चलाकर 1480 सेविका-सहायिका की बहाली की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, सीडीपीओ के 106 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए प्रस्ताव जुलाई तक जेपीएससी को भेजा जाएगा। वहीं, महिला पर्यवेक्षिकाओं के 433 पदों पर बहाली के लिए प्रस्ताव जेएसएससी को जुलाई तक भेजने की तैयारी है। आंगनबाड़ी सेविकाओं के 583 और सहायिकाओं के 897 रिक्त पदों पर नियुक्ति सितंबर 2026 तक करने का लक्ष्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण स्तर पर आंगनबाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ करने को जिलस्तर पर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के चयन को अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य खाली पदों को जल्द भरकर सुपोषण और बाल विकास योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारना है।
रिक्त पदों के मामले संताल के जिले सबसे आगे
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के कुल स्वीकृत और रिक्त पदों के मामले में संताल परगना सबसे आगे आगे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा रिक्त पद गोड्डा जिले में हैं। इसके विपरीत सबसे कम रिक्तियां कोडरमा जिले में हैं, जहां केवल 2 सेविका और 1 सहायिका के पद खाली हैं। रामगढ़ जिले में भी महज 4 सेविका और 3 सहायिका के पद रिक्त हैं।
स्वीकृत और रिक्त पद
- पदाधिकारी/कर्मी स्वीकृत रिक्त
- सीडीपीओ 224 106
- महिला पर्यवेक्षिका 1344 433
- आंगनबाड़ी सेविका 38,957 583
- आंगनबाड़ी सहायिका 38,957 897









