सोशल संवाद/ डेस्क: रिटायरमेंट के बाद नियमित आय बनाए रखने के लिए सिस्टेमैटिक विदड्रॉल प्लान (SWP) एक उपयोगी विकल्प माना जाता है। इस सुविधा के तहत म्यूचुअल फंड में किए गए एकमुश्त निवेश से निवेशक हर महीने एक तय राशि अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकते हैं।
यह भी पढे : जमानत की सख्त शर्तों पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुयन ने जताई चिंता
SWP में निवेश की पूरी राशि एक साथ निकालने की जरूरत नहीं होती। जितनी राशि निकाली जाती है, उतनी ही यूनिट्स रिडीम होती हैं, जबकि बाकी निवेश बाजार में बना रहता है और उस पर संभावित रिटर्न मिलता रहता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि SWP शुरू करने से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों और जोखिम क्षमता का आकलन करना जरूरी है। साथ ही, किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना बेहतर रहता है।









