सोशल संवाद / सरायकेला: जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने की। इस दौरान जिले में संचालित विभिन्न पेयजल योजनाओं की प्रगति, संचालन और चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
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खराब चापाकलों और बंद योजनाओं को जल्द चालू करने का निर्देश
बैठक में खराब पड़े चापाकलों, जलमीनारों और बंद पड़ी पेयजल योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी खराब इकाइयों की शीघ्र मरम्मत कर उन्हें पुनः संचालित किया जाए। साथ ही जिन गांवों और टोलों तक अभी नल-जल योजना का लाभ नहीं पहुंचा है, उन्हें जल्द से जल्द योजना से जोड़ा जाए।
ड्राई जोन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता
उप विकास आयुक्त ने जल जीवन मिशन (JJM), सिंगल विलेज स्कीम (SVS), मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और वित्त आयोग मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए पेयजल संकटग्रस्त और ड्राई जोन क्षेत्रों को चिह्नित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निर्धारित समयसीमा के भीतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
निर्माणाधीन जलमीनारों का काम तेज करने पर जोर
बैठक में निर्माणाधीन जलमीनारों और अन्य पेयजल संरचनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए और योजनाओं को समय पर पूरा कर क्रियाशील बनाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
जलमीनारों, चापाकलों और अन्य पेयजल परिसंपत्तियों में उपकरणों की चोरी और क्षति पहुंचाने की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में दोषियों की पहचान कर संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सामुदायिक सहभागिता बढ़ाकर परिसंपत्तियों की सुरक्षा मजबूत करने पर बल दिया गया।
सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता
रीना हांसदा ने कहा कि आम लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने, योजनाओं की भौतिक स्थिति का निरीक्षण करने और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









