सोशल संवाद\डेस्क : जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त मुख्य परीक्षा के परिणाम को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले में अनुशंसित एवं नियुक्त अभ्यर्थियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की है। यह अपील अयूब तिर्की और अन्य की ओर से दायर की गई है। सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने पक्ष रखा।
इससे पहले खंडपीठ ने अपीलकर्ताओं के अधिवक्ता को निर्देश दिया था कि परीक्षा में सफल 342 अभ्यर्थियों, जिन्हें नियुक्ति पत्र मिल चुका है, को मामले में प्रतिवादी बनाया जाए। अदालत ने कहा था कि अपील पर आने वाले अंतिम फैसले का सीधा असर सफल अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है। इसी कारण उन्हें पक्ष रखने का अवसर दिया जाना जरूरी है। दो वर्षीय बीएड वाले के लिए 70 पद रखें जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ ने अक्तूबर 2025 में 11वीं से 13वीं संयुक्त जेपीएससी मुख्य परीक्षा के परिणाम को रद्द करने की मांग वाली रिट याचिका खारिज कर दी थी।
अयूब तिर्की और राजेश कुमार की ओर से दायर याचिका में परीक्षा के मूल्यांकन में गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा था कि याचिकाकर्ताओं की आपत्तियां समय पर नहीं उठाई गई थीं। अदालत को मूल्यांकन प्रक्रिया में ऐसी कोई गंभीर खामी नहीं मिली, जिसके आधार पर पूरी परीक्षा का परिणाम रद्द किया जा सके। इसके बाद अदालत ने याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया था।









