इकलौती महिला अधिकारी को मौका देने को बनाई नियमावली

By Riya Kumari

Published :

Follow
इकलौती महिला अधिकारी को मौका देने को बनाई नियमावली

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / रांची :  झारखंड में डीजीपी नियुक्ति के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच में सुनवाई हुई। सरकार की तरफ से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि डीजीपी रैंक में महिला आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा प्रोन्नत हुई थीं। उन्हें बतौर डीजीपी मौका देने के लिए नियुक्ति नियमावली के नियम पांच में संशोधन किया गया। राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में याचिका दायर की है।

यह भी पढे : फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर को लिया हिरासत में, रांची में पूछताछ

Sunrise Enclave

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एमिकस डीजीपी नियुक्ति क्यूरीने अपनीरिपोर्ट अदालत को सौंपी थी। इसमें सेवानिवृत्ति के एक दिन पूर्व डीजीपी की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत बताया गया था। सिब्बल ने बताया कि एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर वह सरकार का पक्ष गुरुवार को रखेंगे। वहीं, बाबूलाल की तरफ से याचिका में बताया गया है कि झारखंड में डीजीपी नियुक्ति में मनमानी की जाती है। सिब्बल ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के आलोक में डीजीपी नियुक्ति नियमावली बनायी है। एमिकस क्यूरी ने सिर्फ नियम-5 में संशोधन पर आपत्ति की है। कहा कि डीजीपी ने नक्सल व अपराध रोकने में प्रभावी काम किया है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---