सोशल संवाद / डेस्क : मध्य प्रदेश में प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर फैली एक अफवाह ने भोपाल में कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया और चर्चाओं में यह बात फैल गई कि UCC लागू होने के बाद चचेरे-ममेरे भाई-बहन के बीच होने वाली शादी पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। इसके बाद कई परिवारों ने जल्दबाजी में निकाह की प्रक्रिया शुरू कर दी और काजियों के पास आवेदन बढ़ने लगे।

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निकाह के लिए अचानक बढ़ी भीड़
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन परिवारों में निकाह कुछ महीने बाद होने थे, वे भी कथित रोक की अफवाह के बाद जल्द निकाह कराने के लिए काजियों से संपर्क करने लगे। भोपाल में निकाह के आवेदन सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ने की बात सामने आई है।
क्या UCC में कजिन मैरिज पर पूरी तरह रोक है?
इस मामले में वक्फ बोर्ड और शहर काजी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित UCC के ड्राफ्ट में कुछ नजदीकी रिश्तों के बीच विवाह को लेकर प्रावधान जरूर हैं, लेकिन स्थापित रीति-रिवाज और परंपराओं के तहत होने वाली ऐसी शादियों के लिए अपवाद का प्रावधान बताया गया है। इसलिए इसे कजिन मैरिज पर पूरी तरह प्रतिबंध के तौर पर देखना सही नहीं है।
वक्फ बोर्ड ने लोगों से की अपील
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल और नायब शहर काजी अली कदर ने लोगों से जल्दबाजी में निकाह कराने से बचने की अपील की है। उनका कहना है कि UCC को लेकर अधूरी जानकारी के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। लोगों को किसी भी फैसले से पहले कानून के आधिकारिक प्रावधानों की जानकारी लेनी चाहिए।
अफवाह के कारण बढ़ी चिंता
UCC का ड्राफ्ट शादी, तलाक, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में समान कानूनी व्यवस्था से जुड़ा है। ऐसे में इसके प्रावधानों को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज है। भोपाल में कजिन मैरिज को लेकर फैली अफवाह ने दिखाया कि अधूरी जानकारी किस तरह लोगों को जल्दबाजी में फैसले लेने के लिए प्रेरित कर सकती है।
फिलहाल धार्मिक संगठनों और संबंधित लोगों ने साफ किया है कि कजिन मैरिज पर पूर्ण प्रतिबंध की खबर को अफवाह के तौर पर देखा जाना चाहिए और लोग आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही कोई निर्णय लें।









