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दिल्ली सचिवालय में “सहकार शक्ति डायलॉग” का आयोजन

By Aditi Pandey

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Sahar Shakti Dialogue organized at Delhi Secretariat दिल्ली

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सोशल संवाद/डेस्क: दिल्ली सचिवालय में आज “ सहकार शक्ति डायलॉग ” का आयोजन माननीय सहकारिता एवं समाज कल्याण मंत्री श्री रविन्द्र इंद्राज सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ। दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित इस विशेष संवाद का उद्देश्य महिला उद्यमियों, सहकारी संस्थाओं से जुड़ी प्रतिनिधियों तथा व्यवसाय की सोच रखने वाली महिलाओं को एक ऐसा मंच देना था, जहां वे सीधे सरकार से जुड़कर योजनाओं, फंडिंग और स्वरोजगार के अवसरों की स्पष्ट जानकारी प्राप्त कर सकें।

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कार्यक्रम में उपस्थित मातृशक्ति का स्वागत करते हुए श्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान की संस्कृति में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है और “मातृशक्ति” शब्द केवल सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिला का योगदान केवल परिवार या समाज निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय निर्माण में भी उतना ही महत्वपूर्ण और निर्णायक रहा है।

उन्होंने कहा कि AI युग में सहकारिता रोजगार और आत्मनिर्भरता का आधार बनेगी l सहकारिता हमारी परंपरा और सामाजिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रही है। यह केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि व्यवहारिक व्यवस्था है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि देश, समाज और आने वाले भविष्य को सशक्त बनाना है तो कॉपरेटिव सिस्टम को अपनाना ही पड़ेगा। उन्होंने ए.आई. और नई तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिससे कार्यप्रणाली बदल रही है और रोजगार के स्वरूप में भी परिवर्तन आ रहा है। ऐसे समय में सहकारिता ही वह माध्यम है जो सामूहिक शक्ति के आधार पर रोजगार और आत्मनिर्भरता को सुरक्षित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि जब लोग उतार-चढ़ाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे का हाथ थामते हैं, तो छोटी पहल भी बड़ी आर्थिक शक्ति में बदल सकती है। उन्होंने अमूल जैसे मॉडलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ महिलाओं से शुरू हुई पहल आज बड़े ब्रांड का रूप ले चुकी है, जो सहकारिता की ताकत का प्रमाण है।

उन्होंने देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता के लिए अलग मंत्रालय का गठन दूरदर्शी निर्णय है, और केंद्रीय स्तर पर श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि 2047 तक आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में सहकारिता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि कई दिनों से मंत्रालय और व्यापारिक संगठनों के बीच संवाद चल रहा था कि महिलाओं के लिए मंत्रालय की कौन-कौन सी योजनाएं उपलब्ध हैं और वे उनका लाभ किस प्रकार उठा सकती हैं। इसी उद्देश्य से यह मंच तैयार किया गया, ताकि महिलाओं को स्पष्ट रूप से बताया जा सके कि सरकार की कौन-कौन सी वेलफेयर स्कीम्स, फंडिंग विकल्प और लोन योजनाएं उपलब्ध हैं, और वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए इनका कैसे उपयोग कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला स्वयं व्यवसाय कर रही है, व्यवसाय शुरू करना चाहती है या परिवार के व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहती है, तो सरकार की योजनाएं उसके लिए खुली हैं। यह मंच केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यावहारिक मार्गदर्शन का अवसर है, जहां सरकारी अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं और प्रश्नों का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह दिल्ली सरकार का आधिकारिक मंच है और यहां उपस्थित प्रत्येक महिला को सरकार द्वारा आमंत्रित किया गया है ताकि वह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।

कार्यक्रम में मंत्रालय की योजनाओं, वित्तीय सहायता, लोन सुविधाओं और सहकारी मॉडल के माध्यम से व्यवसाय विस्तार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि संगठित प्रयासों के माध्यम से कैसे छोटे स्तर से शुरू की गई पहल बड़े आर्थिक ढांचे में परिवर्तित हो सकती है।

“सहकार शक्ति डायलॉग” ने यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया कि सरकार महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की सहभागी के रूप में देखती है। सहकारिता के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

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