साकची जेल की दीवार से सटाकर खड़े हो रहे ट्रक, सुरक्षा पर सवाल

By Tamishree Mukherjee

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Sakchi Jail

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सोशल संवाद / जमशेदपुर: शहर के साकची मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल की चहारदीवारी से सटाकर भारी ट्रकों की अवैध पार्किंग किए जाने का मामला सामने आया है। चिंता की बात यह है कि सामान लोड होने के बाद इन ट्रकों की ऊंचाई जेल की बाउंड्री वॉल के लगभग बराबर हो जाती है। ऐसे में जेल की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

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जेल प्रशासन के अनुसार, दीवार के पास खड़े वाहनों को हटाने के लिए लगातार कार्रवाई की जाती है, लेकिन कुछ ही घंटों बाद ट्रक चालक दोबारा उसी जगह पार्किंग करने लगते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने साकची पुलिस को सूचना देने की बात कही है। वहीं, साकची पुलिस का कहना है कि उसे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच जेल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जेल की दीवार के बराबर हो जाती है ट्रकों की ऊंचाई

साकची मंडल कारा की चहारदीवारी के ठीक पास भारी वाहनों की पार्किंग सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मानी जा रही है। सामान लोड होने के बाद ट्रकों की ऊंचाई दीवार के लगभग बराबर हो जाती है। इससे जेल परिसर की सुरक्षा और बाहरी गतिविधियों पर निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

ऐसी स्थिति में ट्रकों की मौजूदगी से सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकता है। जेल के आसपास वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग को रोकना और संवेदनशील क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त रखना जरूरी है।

हटाने के बाद फिर उसी जगह खड़े कर दिए जाते हैं ट्रक

जेल अधिकारियों का कहना है कि चहारदीवारी के पास खड़े ट्रकों को हटवाने के लिए समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। हालांकि, कार्रवाई के कुछ ही घंटे बाद वाहन चालक फिर से उसी स्थान पर ट्रक खड़े कर देते हैं।

इससे स्पष्ट होता है कि समस्या केवल वाहनों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां दोबारा पार्किंग रोकने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है। यदि भारी वाहनों की पार्किंग इसी तरह जारी रहती है, तो जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बनी रहेंगी।

जेल प्रशासन का दावा है कि उसने इस मामले की जानकारी साकची पुलिस को दी है। दूसरी ओर, पुलिस ने जानकारी मिलने से इनकार किया है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि संबंधित विभागों के बीच सूचना का आदान-प्रदान किस स्तर पर हुआ है और समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

2020 में दोबारा चालू किया गया था साकची मंडल कारा

जमशेदपुर के अधिकांश बंदियों को घाघीडीह सेंट्रल जेल में रखा जाता है। वर्ष 2020 में घाघीडीह जेल में कैदियों की संख्या बढ़ने और क्षमता पर दबाव पड़ने के कारण साकची मंडल कारा को दोबारा चालू किया गया था। यह जेल लगभग 15 वर्षों से बंद पड़ी थी।

बंदियों की संख्या के दबाव को कम करने और उन्हें दूसरी जेल में स्थानांतरित करने के उद्देश्य से इसे फिर से शुरू किया गया। वर्तमान में साकची मंडल कारा में भी बड़ी संख्या में बंदी रखे जाते हैं। ऐसे में जेल की चहारदीवारी, निगरानी व्यवस्था और बाहरी सुरक्षा इंतजामों को मजबूत बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

मोबाइल और प्रतिबंधित सामान पहुंचने की आशंका

जेल की दीवार से सटाकर ऊंचे ट्रक खड़े किए जाने से सुरक्षा संबंधी कई आशंकाएं पैदा हो सकती हैं। आशंका जताई जा रही है कि ऐसी स्थिति का फायदा उठाकर जेल परिसर के भीतर प्रतिबंधित सामान पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है।

जेलों में मोबाइल फोन, हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामग्री पहुंचने की घटनाओं को रोकने के लिए बाहरी निगरानी बेहद अहम होती है। हालांकि, साकची जेल के मामले में इस तरह की किसी घटना की पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन ट्रकों की लगातार पार्किंग संभावित सुरक्षा जोखिम को नजरअंदाज नहीं करने देती।

इसके अलावा, दीवार के पास खड़े भारी वाहनों की मौजूदगी से सुरक्षा कर्मियों के लिए बाहरी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए इस क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग पर नियंत्रण और नियमित निगरानी आवश्यक है।

जेल की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान जरूरी

साकची मंडल कारा के आसपास ट्रकों की बार-बार होने वाली पार्किंग का मामला केवल यातायात व्यवस्था से जुड़ा नहीं है, बल्कि जेल की सुरक्षा से भी संबंधित है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में भारी वाहनों की पार्किंग रोकने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभागों और पुलिस के बीच समन्वय जरूरी है।

प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि ट्रकों को केवल एक बार हटाने के बजाय दोबारा पार्किंग करने से भी रोका जाए। इसके लिए नियमित निगरानी, स्पष्ट पार्किंग प्रतिबंध और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।

अब देखना होगा कि जेल प्रशासन और साकची पुलिस के बीच इस मामले को लेकर समन्वय स्थापित होता है या नहीं। फिलहाल, जेल की दीवार से सटाकर खड़े किए जा रहे ट्रकों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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