सोशल संवाद/डेस्क : HEC की जमीन पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर अब प्रबंधन गंभीर नजर आ रहा है। रांची में हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) की जमीन का सैटेलाइट सर्वे कराने की तैयारी है। इस सर्वे के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कंपनी की जमीन पर कहां-कहां कब्जा हुआ है और अतिक्रमण का दायरा कितना बढ़ चुका है।
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HEC की जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा नया नहीं है। लंबे समय से कंपनी की जमीन और कई आवासीय क्वार्टरों पर अनधिकृत कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब इन मामलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए सैटेलाइट तस्वीरों की मदद लेने की योजना बनाई गई है।
1500 एकड़ जमीन पर कब्जे की जानकारी
बताया जा रहा है कि HEC की करीब 1500 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है। इसके अलावा लगभग 800 क्वार्टरों पर भी अनधिकृत कब्जे की बात सामने आई है। वहीं करीब 2000 क्वार्टरों में लीज की शर्तों का पालन नहीं किए जाने की जानकारी दी गई है।
सैटेलाइट सर्वे होने के बाद इन आंकड़ों की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा सकेगा। इससे यह भी पता लगाने में मदद मिलेगी कि अतिक्रमण किन इलाकों में है और पिछले कुछ वर्षों में इसका विस्तार किस तरह हुआ है।
केंद्र ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
HEC की जमीन पर कब्जे के मामले को लेकर केंद्र सरकार ने प्रबंधन से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। रिपोर्ट में जमीन और क्वार्टरों पर हुए अतिक्रमण के साथ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा गया है।
प्रबंधन को यह भी बताना होगा कि अतिक्रमण हटाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और कितने मामलों में नोटिस या कानूनी कार्रवाई की गई है।
सैटेलाइट सर्वे पूरा होने के बाद HEC की जमीन की मौजूदा स्थिति की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। इसके आधार पर अतिक्रमण वाले इलाकों को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।









