सोशल संवाद / डेस्क : आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन देर रात तक स्क्रीन देखने की आदत धीरे-धीरे हमारी नींद और स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादा Screen Time शरीर के प्राकृतिक Sleep Cycle को प्रभावित करता है, जिससे इंसोम्निया, थकान और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
यह भी पढे : घर में क्यों आते हैं Snake ? जानिए कौन-सी गंध और चीजें उन्हें करती हैं आकर्षित

कैसे बिगड़ता है Sleep Cycle?
विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली Blue Light शरीर में बनने वाले मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है। यही हार्मोन शरीर को यह संकेत देता है कि अब सोने का समय हो गया है। जब देर रात तक स्क्रीन का इस्तेमाल किया जाता है, तो दिमाग एक्टिव बना रहता है और नींद आने में देरी होती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोने से ठीक पहले फोन स्क्रॉल करना या वीडियो देखना दिमाग को आराम नहीं करने देता। इससे Deep Sleep प्रभावित होती है और सुबह उठने पर थकान महसूस होती है।
ज्यादा Screen Time से हो सकती हैं ये समस्याएं
- देर रात तक नींद न आना
- बार-बार नींद टूटना
- सुबह थकान महसूस होना
- आंखों में जलन और सिरदर्द
- तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ना
- फोकस और मेमोरी कमजोर होना
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक खराब नींद शरीर की इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर असर डाल सकती है।
बेहतर नींद के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
सोने से 1 घंटा पहले बंद करें स्क्रीन
डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि सोने से कम से कम 30 मिनट से 1 घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।
फिक्स करें Sleep Routine
रोजाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत शरीर की Body Clock को बेहतर बनाती है।
कमरे का माहौल रखें शांत
कम रोशनी, ठंडा तापमान और शांत वातावरण अच्छी नींद में मदद करता है।
सुबह लें Natural Sunlight
सुबह की धूप शरीर के Circadian Rhythm को संतुलित रखने में मदद करती है, जिससे रात में बेहतर नींद आती है।
तनाव कम करें
योग, मेडिटेशन और हल्की एक्सरसाइज तनाव कम करके Sleep Quality सुधारने में मदद कर सकती है।
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
नींद विशेषज्ञों के अनुसार “Digital Sunset” यानी सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाना आज की लाइफस्टाइल में बेहद जरूरी हो गया है। हेल्दी Sleep Routine न सिर्फ बेहतर नींद देता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है।










