सोशल संवाद रांची : झारखंड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों की समयपूर्व रिहाई से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। इस संबंध में सोमवार को स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई की।

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सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि बोर्ड की बैठक निर्धारित तीन माह में क्यों नहीं हो रही। कोर्ट ने राज्य सरकार को इस संबंध में अद्यतन एवं बिंदुवार जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही 30 जुलाई को प्रस्तावित बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी भी पेश करने कहा। राज्य सरकार ने बताया कि पिछली बैठक मार्च-26 में हुई थी।
कुछ आंतरिक कारणों से जून की बैठक नहीं हो सकी। अब बैठक 30 जुलाई को निर्धारित है। सरकार ने यह भी बताया कि मार्च की बैठक में 86 आजीवन कारावास प्राप्त बंदियों के मामलों की समीक्षा हुई थी। इनमें 44 बंदियों की समयपूर्व रिहाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जबकि 42 प्रस्ताव अस्वीकार कर दिए गए थे।









