सोशल संवाद / डेस्क : Soda for Acidity: खाना खाने के बाद कई लोगों को एसिडिटी, गैस और पेट में जलन की समस्या हो जाती है। ऐसे में तुरंत राहत पाने के लिए लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक या सोडा पी लेते हैं। ठंडा और गैस वाला पेय कुछ समय के लिए हल्का महसूस करा सकता है, लेकिन क्या यह सच में एसिडिटी का इलाज है या सिर्फ एक भ्रम? आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स की राय।
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क्या कोल्ड ड्रिंक से एसिडिटी ठीक होती है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, कोल्ड ड्रिंक में अधिक मात्रा में शुगर, कार्बन डाइऑक्साइड, फॉस्फोरिक एसिड और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं। जब हम सोडा पीते हैं, तो कार्बन डाइऑक्साइड की वजह से डकार आती है, जिससे कुछ समय के लिए पेट हल्का लगता है।
लेकिन यह एसिडिटी का असली इलाज नहीं है।
बल्कि, इन ड्रिंक्स में मौजूद एसिड और शुगर पेट के एसिड प्रोडक्शन को और बढ़ा सकते हैं।

ज्यादा नुकसान कैसे पहुंचा सकता है सोडा?
डॉक्टरों का कहना है कि:
- ज्यादा शुगर पाचन तंत्र को उत्तेजित करती है
- कार्बोनेटेड ड्रिंक गैस और ब्लोटिंग बढ़ा सकती है
- लंबे समय तक सेवन से फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है
- डायबिटीज मरीजों के लिए यह और ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है
- बार-बार एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है
इसलिए सोडा पीना राहत का सही तरीका नहीं माना जाता।
एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एसिडिटी से राहत पाने के लिए नेचुरल और हल्के विकल्प ज्यादा बेहतर होते हैं:
नारियल पानी
पेट को ठंडक देता है और एसिडिटी कम करने में मदद करता है।
छाछ
पाचन सुधारती है और गैस की समस्या घटाती है।
सौंफ या जीरे का पानी
पारंपरिक रूप से पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है।
पुदीना या तुलसी की चाय
पेट को आराम पहुंचाती है।
दूध
कुछ लोगों को तुरंत राहत देता है, लेकिन हर व्यक्ति पर असर अलग हो सकता है।

सिर्फ पेय बदलना काफी नहीं
एसिडिटी से बचने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव भी जरूरी है:
- बहुत ज्यादा मसालेदार और तला-भुना भोजन कम करें
- धीरे-धीरे और अच्छे से चबाकर खाएं
- एक बार में ज्यादा खाने की बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लें
- खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें
कोल्ड ड्रिंक या सोडा पीने से एसिडिटी का स्थायी इलाज नहीं होता। यह केवल कुछ मिनटों की झूठी राहत दे सकता है। लंबे समय तक इसका सेवन पेट और लिवर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
अगर आपको बार-बार एसिडिटी की समस्या होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना और संतुलित खानपान अपनाना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।











