Tata Sons विवाद में Tata Trusts के समर्थन में उतरीं 6 पारसी संस्थाएं, PM मोदी को लिखी चिट्ठी

By Riya Kumari

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Tata Sons विवाद में Tata Trusts के समर्थन में उतरीं 6 पारसी संस्थाएं, PM मोदी को लिखी चिट्ठी

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सोशल संवाद / डेस्क : टाटा समूह में टाटा संस की लिस्टिंग और कंपनी के नियंत्रण को लेकर चल रही खींचतान के बीच अब छह पारसी और जोरोस्ट्रियन संगठनों ने टाटा ट्रस्ट्स और टाटा परिवार का समर्थन किया है। इन संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर टाटा समूह की मौजूदा व्यवस्था, परोपकार की परंपरा और दीर्घकालिक सोच को सुरक्षित रखने की अपील की है। उनका कहना है कि टाटा संस का भविष्य केवल शेयर बाजार और कॉरपोरेट नियमों तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसका संबंध समूह की सामाजिक पहचान और विरासत से भी है।

यह भी पढ़े : Tata Sons Listing Row: टाटा संस की लिस्टिंग पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, अपर-लेयर NBFC के लिए नियम साफ

PM मोदी को पत्र लिखकर क्या कहा?

इंडियन एक्सप्रेस और मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, छह संगठनों ने 7 अक्टूबर को लिखे पत्र में टाटा ट्रस्ट्स और टाटा परिवार के प्रति समर्थन जताया। संगठनों ने चेतावनी दी कि टाटा संस की स्वामित्व व्यवस्था में ऐसा बदलाव, जो लंबे समय की सोच और बाजार के तात्कालिक दबावों के बीच संतुलन बिगाड़े, समूह की पहचान को प्रभावित कर सकता है।

कौन-कौन से संगठन समर्थन में आए?

टाटा ट्रस्ट्स के समर्थन में पत्र लिखने वाले छह संगठन हैं:

  • बॉम्बे पारसी पंचायत (BPP)
  • फेडरेशन ऑफ पारसी जोरोस्ट्रियन अंजुमन्स ऑफ इंडिया (FPZAI)
  • फेडरेशन ऑफ जोरोस्ट्रियन एसोसिएशंस ऑफ नॉर्थ अमेरिका (FEZANA)
  • जोरोस्ट्रियन ट्रस्ट फंड्स ऑफ यूरोप (ZTFE)
  • ग्लोबल काउंसिल ऑफ जोरोस्ट्रियन्स ट्रस्ट (GCZT)
  • वर्ल्ड जोरोस्ट्रियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (WZCC)

इन संगठनों ने टाटा समूह की औद्योगिक, वैज्ञानिक और सामाजिक योगदान की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि उसकी पहचान लंबे समय के निवेश, नैतिकता और परोपकार से जुड़ी रही है।

टाटा संस की लिस्टिंग पर क्यों है विवाद?

टाटा संस, टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी है। टाटा ट्रस्ट्स के पास इसमें करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सितंबर 2022 में अपर-लेयर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के रूप में वर्गीकृत किया था। इस वर्गीकरण के कारण कंपनी पर शेयर बाजार में लिस्टिंग से जुड़े नियामकीय नियम लागू होने का सवाल उठा है।

टाटा ट्रस्ट्स टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध बनाए रखने के पक्ष में रहा है, जबकि लिस्टिंग को लेकर नियामकीय दबाव और कंपनी के भविष्य की रणनीति पर चर्चा जारी है। RBI ने टाटा संस की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में रजिस्ट्रेशन छोड़ने की अर्जी भी खारिज कर दी थी।

टाटा समूह की विरासत को लेकर चिंता

पत्र में कहा गया है कि टाटा समूह ने उद्योग, विमानन, शिक्षा, विज्ञान और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संगठनों ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल जैसी संस्थाओं का उल्लेख करते हुए समूह की परोपकारी परंपरा को रेखांकित किया।

संगठनों ने अपील की कि टाटा संस से जुड़े मौजूदा मतभेदों का समाधान व्यापक जनहित और समूह के मूल्यों को ध्यान में रखकर किया जाए। हालांकि, पत्र में समर्थन जताने का मतलब यह नहीं है कि टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर नियामकीय सवालों का समाधान हो गया है।

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