सोशल संवाद/डेस्क : केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाना जरूरी नहीं है। यह वैकल्पिक व्यवस्था है। इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है। कहा कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता और बिजली वितरण कंपनी दोनों को लाभ होता है।
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लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रीपेड मीटर को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि स्मार्ट मीटर जबरदस्ती लगाए जा रहे हैं। मंत्री ने साफ कहा कि कोई बिजली उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना चाहता है, तो वाध्य नहीं किया जाएगा। उसे पुराने मीटर से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
लोग बिल नहीं भरते थेः
ऊर्जा मंत्री ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब उनके पास बिजली मंत्रालय का भी प्रभार रहा था। कई लोग बिजली का बिल नहीं देने को बड़प्पन समझते थे। उन्होंने बकायदारों का कनेक्शन काटने के निर्देश दिए थे। असर यह है कि अब सभी बिल भुगतान करते हैं।









