सोशल संवाद / डेस्क : पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की जंतर-मंतर पर जारी भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ गई है। अनशन के 15वें दिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर डॉक्टरों ने चिंता जताई है। चिकित्सकों के अनुसार उनका रक्तचाप गिरा है और लगातार उपवास के कारण वजन में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
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डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य
मेडिकल टीम लगातार सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद उनका वजन करीब 7.8 किलोग्राम तक कम हो चुका है और ब्लड प्रेशर भी सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हैं और आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है।
‘मैं कोई गांधी नहीं, अपना नायक खुद बनें’
स्वास्थ्य बिगड़ने के बीच सोनम वांगचुक ने समर्थकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे खुद को कोई महात्मा गांधी या नायक नहीं मानते। उन्होंने लोगों से दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
स्वास्थ्य पर बनी हुई है नजर
डॉक्टरों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य में और गिरावट आती है तो अतिरिक्त चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ सकती है। फिलहाल मेडिकल टीम उनकी नियमित जांच कर रही है और स्वास्थ्य की लगातार निगरानी जारी है।










