सोशल संवाद/डेस्क : भारतीय सिनेमा की ‘लेडी सुपरस्टार’ कही जाने वाली Sridevi की डेथ एनिवर्सरी पर आज फिल्म जगत उन्हें याद कर रहा है। 24 फरवरी 2018 को उनका निधन हुआ था। दुबई के एक होटल में बाथटब में डूबने से उनकी मौत की खबर ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। उनकी असामयिक और रहस्यमयी मौत ने लंबे समय तक सुर्खियां बटोरीं।
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13 साल की उम्र में निभाया मां का किरदार
बहुत कम लोग जानते हैं कि Sridevi ने बेहद कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन महज 13 साल की उम्र में उन्होंने साउथ की फिल्म ‘मूंद्रु मुदिचु’ में सुपरस्टार रजनीकांत की मां का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया था। इतनी कम उम्र में परिपक्व भूमिका निभाना उनकी असाधारण प्रतिभा का प्रमाण था।

साउथ से बॉलीवुड तक छाया जलवा
Sridevi ने अपने करियर की शुरुआत दक्षिण भारतीय सिनेमा से की। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में सैकड़ों भूमिकाएं निभाईं। बाद में हिंदी सिनेमा में कदम रखते ही वह देखते ही देखते सुपरस्टार बन गईं।

उनकी चर्चित हिंदी फिल्मों में ‘हिम्मतवाला’, ‘तोहफा’, ‘नगीना’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘चालबाज’, ‘चांदनी’, ‘खुदा गवाह’, ‘जुदाई’, ‘इंग्लिश विंग्लिश’ और ‘मॉम’ जैसी हिट फिल्में शामिल हैं। हर किरदार में उन्होंने अलग अंदाज और गहराई दिखाई, जो उन्हें समकालीन अभिनेत्रियों से अलग बनाता था।
6 दशक लंबा शानदार करियर
करीब छह दशकों तक फैले अपने फिल्मी सफर में Sridevi ने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। वह उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में थीं, जिन्होंने बाल कलाकार से लेकर मुख्य अभिनेत्री और फिर मजबूत किरदारों तक हर दौर में सफलता पाई। उन्हें उनकी बहुमुखी प्रतिभा, कॉमिक टाइमिंग और भावनात्मक अभिनय के लिए खास तौर पर सराहा जाता है।

रहस्यमयी मौत और अधूरी यादें
24 फरवरी 2018 को दुबई में एक पारिवारिक समारोह के दौरान उनका निधन हो गया। आधिकारिक रिपोर्ट में बाथटब में डूबने को मौत का कारण बताया गया था। उनके अचानक चले जाने से परिवार, प्रशंसकों और फिल्म इंडस्ट्री को गहरा सदमा लगा। उनके पति फिल्म निर्माता बोनी कपूर और बेटियां जान्हवी व खुशी कपूर आज भी उनकी यादों को संजोए हुए हैं। सोशल मीडिया पर हर साल उनकी डेथ एनिवर्सरी पर फैंस और सेलेब्रिटीज भावुक पोस्ट साझा करते हैं।

सिनेमा की ‘चांदनी’ हमेशा रहेंगी याद
Sridevi सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक युग थीं। उन्होंने हिंदी और साउथ सिनेमा के बीच की दूरी को कम किया और महिला प्रधान फिल्मों को नई पहचान दी। उनकी मुस्कान, अभिव्यक्ति और अदाकारी आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है। Sridevi की डेथ एनिवर्सरी पर यही कहा जा सकता है कि भले ही वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में और यादगार किरदार हमेशा सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेंगे।










