Advertisement 2

दिल्ली सचिवालय में मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा का राज्य स्थापना दिवस, लोक संस्कृति की भव्य झलक

By Riya Kumari

Published :

Follow
दिल्ली
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / नई दिल्ली :  दिल्ली सरकार ने फरवरी 2025 में की गई अपनी घोषणाओं के तहत यह संकल्प लिया था कि देश के विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस भव्यता और गरिमा के साथ मनाए जाएंगे। इसी क्रम में आज दिल्ली सचिवालय में मणिपुर, मेघालय एवं त्रिपुरा राज्य स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया गया।

यह भी पढे : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर नितिन नवीन को कुलवंत सिंह बंटी ने दी हार्दिक बधाई

इस आयोजन का उद्देश्य इन तीनों पूर्वोत्तर राज्यों की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के संदेश के साथ किया गया। इस अवसर पर माननीय कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा, सचिव कला, संस्कृति एवं भाषा तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

साहित्य कला परिषद् द्वारा मणिपुर, मेघालय एवं त्रिपुरा के पारंपरिक लोक नृत्य एवं लोक संगीत पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन तीनों राज्यों से आई दो-दो सांस्कृतिक टुकड़ियों ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, भावपूर्ण नृत्य और लोक संगीत के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान माननीय कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मणिपुर, मेघालय एवं त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्य भारत की सांस्कृतिक विविधता की आत्मा हैं। इन राज्यों की लोक परंपराएँ, नृत्य और संगीत देश की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के साथ-साथ देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन देश की सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देने तथा विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Social Samvad Creator
Exit mobile version