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NEET परीक्षा के दबाव में छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम, कोयंबटूर में 19 वर्षीय अभ्यर्थी की मौत

By Riya Kumari

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NEET परीक्षा के दबाव में छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम, कोयंबटूर में 19 वर्षीय अभ्यर्थी की मौत
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सोशल संवाद / डेस्क : Coimbatore NEET Aspirant Death: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर बढ़ते दबाव और मानसिक तनाव के बीच तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां 19 वर्षीय एक छात्रा, जो NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या से जुड़ा बताया जा रहा है।

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पुलिस के अनुसार छात्रा पिछले कुछ समय से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी और परीक्षा परिणाम व भविष्य को लेकर तनाव में थी। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

NEET परीक्षा को लेकर बढ़ रही चिंता

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET हर साल लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य का फैसला करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, अपेक्षाओं का दबाव और असफलता का डर कई छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा में सफलता महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन किसी भी परीक्षा को जीवन-मरण का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए। अभिभावकों और शिक्षकों को भी छात्रों की मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

परिवार और समाज की भूमिका अहम

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भावनात्मक समर्थन, सकारात्मक माहौल और नियमित संवाद की जरूरत होती है। यदि किसी छात्र में तनाव, अवसाद, चिंता या निराशा के संकेत दिखाई दें तो समय रहते विशेषज्ञों की सहायता लेनी चाहिए।

छात्रों के लिए जरूरी संदेश

विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा का परिणाम जीवन की अंतिम मंजिल नहीं होता। असफलता या अपेक्षा के अनुरूप परिणाम न आने पर भी आगे बढ़ने के कई अवसर मौजूद रहते हैं। ऐसे समय में परिवार, मित्र और शिक्षकों का सहयोग छात्रों के लिए सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।

यह घटना एक बार फिर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, परीक्षा के दबाव और समाज की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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