सोशल संवाद / डेस्क : सड़कों और हाईवे पर घूमने वाले आवारा मवेशियों से होने वाले हादसों को लेकर Supreme Court ने गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मवेशियों की वजह से होने वाली घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और यह लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं।
यह भी पढे : SC की सख्त टिप्पणी: सड़कों पर गायों की मौजूदगी पर उठे सवाल, कहा- आस्था और व्यवस्था में संतुलन जरूरी
हाईवे पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी बनी बड़ी समस्या
Supreme Court ने कहा कि नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे और राज्य राजमार्गों पर आवारा मवेशियों का घूमना गंभीर सुरक्षा चुनौती है। खासकर रात के समय और तेज रफ्तार वाले इलाकों में इनके कारण दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। कोर्ट ने इसे प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा मुद्दा भी बताया।
राज्यों और एजेंसियों को मिलकर करना होगा काम
Supreme Court ने नगर निकायों, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और हाईवे से जुड़ी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे मिलकर ऐसे स्थानों की पहचान करें जहां बार-बार आवारा मवेशी दिखाई देते हैं। इसके बाद उन्हें सड़कों से हटाकर उचित शेल्टर या गौशालाओं में रखने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
सुरक्षा के साथ पशुओं की देखभाल भी जरूरी
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मवेशियों को हटाने के दौरान उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। पकड़े गए पशुओं को भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रात में बढ़ता है हादसों का खतरा
अक्सर रात के समय सड़कों पर बैठे या घूमते मवेशी वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे अचानक दुर्घटनाएं हो जाती हैं। तेज रफ्तार वाहनों के कारण कई बार जान-माल का नुकसान भी होता है। सुप्रीम कोर्ट ने इसी खतरे को देखते हुए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत बताई है।
प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने पर जोर
Supreme Court ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। अधिकारियों को नियमित निगरानी और कार्रवाई के लिए व्यवस्था तैयार करनी होगी ताकि सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।









