सोशल संवाद / डेस्क : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में पेपर लीक के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सख्त टिप्पणी की। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “इसे ऐसे ही नहीं चलने दिया जा सकता।” कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि भविष्य में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
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सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में तैयार की गई कार्ययोजना की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदमों पर काम किया जा रहा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए रखेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
NEET पेपर लीक का मुद्दा पिछले कुछ समय से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लाखों अभ्यर्थी निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









