सोशल संवाद / जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर जटिल सर्जरी कर सरायकेला-खरसावां के 21 वर्षीय युवक के पेट से करीब एक किलो का ट्यूमर निकालकर उसे नया जीवन दिया। युवक का दाहिना अंडकोष जन्म से ही पेट में था। करीब 20 वर्ष तक इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। करीब चार साल पहले पेट में दर्द और अंदर गोला महसूस होने के बाद परेशानी शुरू हुई, लेकिन इलाज में देरी होती रही।
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करीब दो सप्ताह पहले युवक को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में दाहिनी अंडकोष की थैली खाली मिली। पेट में काफी बड़ा ट्यूमर होने का भी पता चला। जांच में ट्यूमर में कैंसर के लक्षण मिले। इसके बाद सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एचआर खान के नेतृत्व में डॉ. एसपी गुप्ता और टीम ने मंगलवार को ऑपरेशन कर करीब एक किलो का ट्यूमर निकाल दिया।
फिलहाल युवक की स्थिति में सुधार है। डॉ. एसपी गुप्ता ने बताया कि सामान्यतः जन्म के समय दोनों अंडकोष थैली में आ जाते हैं। कुछ बच्चों का अंडकोष पेट में ही रह जाता है। इसे नजरअंदाज करने पर आगे चलकर ट्यूमर और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। अभिभावकों को जन्म के तुरंत बाद बच्चे के दोनों अंडकोष थैली में होने की जांच करनी चाहिए व सलाह लेनी चाहिए।










