Tata Motors Car Price Hike: 1 सितंबर से ₹25,000 तक महंगी होंगी कारें

By Tamishree Mukherjee

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Tata Motors Car Price Hike

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सोशल संवाद / डेस्क : अगर आप आने वाले दिनों में नई कार या SUV खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके बजट पर असर डाल सकती है। मारुति सुजुकी और हुंडई के बाद अब Tata Motors ने भी अपनी पैसेंजर कारों और SUV की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है।

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कंपनी के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 से पेट्रोल-डीजल के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी। अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से कीमतें बदलेंगी और अधिकतम ₹25,000 तक का इजाफा किया जा सकता है। कंपनी ने कीमत बढ़ाने के पीछे कच्चे माल की बढ़ती कीमत, इनपुट कॉस्ट और लगातार बने हुए महंगाई के दबाव को प्रमुख वजह बताया है।

क्यों बढ़ रही हैं Tata Cars की कीमतें?

टाटा मोटर्स के मुताबिक वाहन बनाने की लागत लगातार बढ़ रही है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के अलावा अन्य इनपुट लागत भी बढ़ी है। ऐसे में कंपनी ने बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है।

हालांकि, कंपनी का कहना है कि लागत में हुई पूरी बढ़ोतरी का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जा रहा है। कंपनी खुद भी बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा वहन कर रही है। नई कीमतें मॉडल और वेरिएंट के अनुसार अलग-अलग होंगी।

इस साल दूसरी बार महंगी हो रही हैं Tata Cars

खास बात यह है कि टाटा मोटर्स की ओर से इस तिमाही में यह दूसरी कीमत बढ़ोतरी है। इससे पहले जून 2026 में कंपनी ने अपने पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो की कीमतों में 1.5% तक की बढ़ोतरी की थी। यह संशोधित कीमतें 1 जुलाई 2026 से लागू हुई थीं। अब सितंबर से एक बार फिर कारों की कीमत बढ़ने जा रही है।

Hyundai भी 1 सितंबर से बढ़ाएगी कारों के दाम

टाटा मोटर्स से पहले Hyundai Motor India भी कीमत बढ़ाने का ऐलान कर चुकी है। कंपनी 1 सितंबर से अपने वाहनों की कीमतों में 1% तक की बढ़ोतरी करेगी। हुंडई ने भी कच्चे माल की बढ़ती लागत, ऑपरेशनल और लॉजिस्टिक्स खर्च तथा वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों को कीमत बढ़ाने की वजह बताया है।

Maruti की 18 कारें पहले ही हुईं महंगी

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनियों में शामिल Maruti Suzuki ने भी अगस्त में अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। कंपनी ने Arena और Nexa चैनल के 18 मॉडल्स की कीमतें बढ़ाई हैं। अलग-अलग मॉडल में यह बढ़ोतरी करीब ₹2,500 से ₹30,000 तक रही। उदाहरण के तौर पर Alto की कीमत में करीब ₹2,500 की बढ़ोतरी हुई, जबकि Swift और Brezza जैसे मॉडल भी महंगे हुए हैं।

सिर्फ कच्चा माल ही नहीं, इन वजहों से भी महंगी हो रही हैं कारें

कारों की कीमत बढ़ने के पीछे केवल महंगा कच्चा माल ही जिम्मेदार नहीं है। ऑटो इंडस्ट्री में कई दूसरे बदलाव भी नई कारों की लागत और औसत कीमत बढ़ा रहे हैं।

इनमें प्रमुख हैं:

  • सुरक्षा मानकों में बदलाव
  • नए उत्सर्जन नियम
  • आधुनिक फीचर्स और टेक्नोलॉजी
  • SUV की बढ़ती मांग
  • महंगे वेरिएंट की ओर ग्राहकों का रुझान
  • मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी
  • ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां

यानी अब कारों में ज्यादा फीचर्स और बेहतर सेफ्टी मिलने के साथ उनकी कीमत भी लगातार बढ़ रही है।

5-6 साल में करीब 47% महंगी हुई नई कार

भारत में नई कार खरीदना पिछले कुछ वर्षों में काफी महंगा हुआ है। उपलब्ध उद्योग आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में नई कार की औसत रिटेल कीमत करीब ₹8.07 लाख थी। यह आंकड़ा 2024 में बढ़कर करीब ₹11.64 लाख और 2025 के शुरुआती आंकड़ों में करीब ₹11.84 लाख तक पहुंच गया। यानी 2019 के मुकाबले 2025 तक नई कार की औसत कीमत में करीब 47% की बढ़ोतरी हुई।

कारों की बिक्री में भी जबरदस्त बढ़ोतरी

दिलचस्प बात यह है कि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद भारत में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री भी तेजी से बढ़ी है।

SIAM के आंकड़ों के अनुसार:

वित्त वर्षपैसेंजर व्हीकल बिक्री
2020-2127.11 लाख
2021-2230.70 लाख
2022-2338.90 लाख
2023-2442.19 लाख
2024-2543.02 लाख
2025-2646.43 लाख

2020-21 में जहां करीब 27.11 लाख पैसेंजर व्हीकल बिके थे, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 46.43 लाख हो गया। यानी पांच साल में बिक्री में करीब 19.32 लाख वाहनों का इजाफा हुआ, जो लगभग 71% की वृद्धि है।

ग्राहकों के लिए क्या है इसका मतलब?

लगातार कीमत बढ़ने से नई कार खरीदने वालों का बजट प्रभावित हो सकता है। खासकर उन ग्राहकों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा जो पहले से तय बजट में कार खरीदने की योजना बना रहे हैं।

अगर आप Tata, Hyundai या Maruti की कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सितंबर से पहले मौजूदा कीमत और सितंबर के बाद की कीमत में अंतर जरूर देखना चाहिए। साथ ही इंश्योरेंस, एक्सेसरीज, फाइनेंस और ऑन-रोड कीमत को मिलाकर कुल खर्च की तुलना करना ज्यादा बेहतर रहेगा।

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