सोशल संवाद / जमशेदपुर : सीनी-कांड्रा तीसरी-चौथी नई लाइन बिछाने से पूर्व रेलवे दोनों स्टेशनों के बीच मूलभूत सुविधा मुहैया कराएगा। इससे ड्रेनेज सिस्टम बनाने के साथ ही ट्रैक्शन और सिग्नल से जुड़े कई काम होंगे। तीसरी-चौथी नई लाइन के लिए 10 से 12 जगह नए पुल बनेंगे, जबकि कई पुराने पुल की मरम्मत होगी। यार्ड विस्तार का काम रेलवे पहले से कई जगह कर रहा है। तीसरी व चौथी लाइन के लिए 2288 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण में जुटा है।
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जानकार बताते हैं कि दक्षिण पूर्व जोन से नई लाइन बिछाने से पूर्व के काम पर 157 करोड़ खर्च करेगा। क्योंकि, चक्रधरपुर मंडल में सीनी व कांड्रा हावड़ा-मुंबई समेत झारखंड बंगाल, ओडिशा व बिहार मार्ग का महत्वपूर्ण रेलवे कॉरिडोर है। यहां तीसरी व चौथी लाइन बिछने से भविष्य में लाइन जाम की समस्या नहीं होगी।
दोनों स्टेशनों पर यात्री सुविधा बढ़ाने में जुटा है चक्रधरपुर मंडल
सीनी और कांड्रा स्टेशन पर चक्रधरपुर मंडल यात्री सुविधा और सुरक्षा संसाधन बढ़ाने में जुटा है। सीनी में नया स्टेशन भवन बनाने के साथ स्वास्थ्य सुविधा से जन औषधि केंद्र खोला है। कांड्रा स्टेशन में यात्री सुविधा में प्लेटफॉर्म के साथ अन्य संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं।
सीनी व कांड्रा स्टेशन होकर टाटानगर, चक्रधरपुर, हावड़ा, मुंबई, बिहार, यूपी, बिलासपुर और आसनसोल मार्ग की दिनभर में 50 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं। नई लाइन शुरू होने पर ट्रेनें सिग्नल के इंतजार में आउटर पर नहीं रुकेंगी, जिससे रेलवे का समय से ट्रेनों को चलाने का सपना साकार होगा।
मार्च 2028 तक दोनों लाइन को शुरू करने का लक्ष्य
दक्षिण पूर्व जोन में 286 करोड़ से मार्च 2028 में 18 किमी तीसरी व चौथी लाइन शुरू करने का लक्ष्य है। इधर, तीसरी व चौथी लाइन शुरू होने से सिर्फ चक्रधरपुर रेल मंडल नहीं बल्कि, झारखंड, बंगाल और ओडिशा की यात्री ट्रेनों के संचालन समय में सुधार होगा। चक्रधरपुर मंडल ने रेल ओवर रेल बनाने का प्रस्ताव दक्षिण पूर्व जोन और रेलवे बोर्ड में भेजा है। व चौथी लाइन शुरू करने का लक्ष्य है।









