“वीर अब्दुल हमीद अमर रहे” के जयघोष से गूँजा नमन कार्यालय

By Tamishree Mukherjee

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The Naman office resounded with the spirited chant, “Long live Veer Abdul Hamid

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सोशल संवाद / जमशेदपुर : 1965 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस, वीरता और पराक्रम का परिचय देते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले महान योद्धा परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद की पुण्य स्मृति में नमन परिवार द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं एवं शहर के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति में भारत माता के वीर सपूत शहीद अब्दुल हमीद को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके अद्वितीय शौर्य, राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान को नमन किया गया।

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नमन परिवार के संस्थापक अमरप्रीत सिंह काले की अनुपस्थिति में मुख्य संरक्षक बृजभूषण सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि शहीदों का सम्मान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन में आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि नमन परिवार निरंतर देश के वीर शहीदों एवं उनके बलिदान को समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य करता रहेगा।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश राय ने कहा कि शहीद अब्दुल हमीद का जीवन देशभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायी मिसाल है। मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के संस्थापक वरुण कुमार ने कहा कि भारतीय सैनिकों का शौर्य और बलिदान देश की सबसे बड़ी ताकत है। शहीद अब्दुल हमीद ने विषम परिस्थितियों में जिस वीरता का परिचय दिया, वह भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। ऐसे वीर सपूतों का स्मरण राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को और मजबूत करने का संकल्प देता है।

कार्यक्रम में रामलीला उत्सव समिति के रामकेवल मिश्रा, टुइलाडूंगरी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जसवंत सिंह भोमा, साहित्यकार बलविंदर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र शर्मा, राजू सिंह, रितिका श्रीवास्तव, महालक्ष्मी देवी, सुनीता देवी, ममता साहा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए शहीद अब्दुल हमीद के अदम्य साहस एवं राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम के अंत में जूगुन पांडे ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, महिलाओं, युवाओं एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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