सोशल संवाद / नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार को छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता उत्तरी जोन 2025-26 के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतियोगिता नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र-निर्माण के मूल्यों को विकसित करने का मंच है। यहां विद्यार्थियों की ओर से प्रदर्शित सटीक और संगीतात्मक एकता ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना को सशक्त करती है।

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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्कूल बैंड टीमों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे केवल प्रतियोगी नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य के ध्वजवाहक है। इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, विधायक अशोक गोयल समेत अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को महत्व दे रही है, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। बैंड प्रतियोगिता जैसे आयोजन विद्यार्थियों में अनुशासन, रचनात्मकता और नेतृत्व कौशल को मजबूत करते हैं। विद्यार्थियों का अनुशासन और समर्पण राष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली के लिए गर्व का विषय है कि वह पहली बार राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता नॉर्थ जोन की मेजबानी कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है, जिसमें युवा शक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। देश के विभिन्न राज्यों से, अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले विद्यार्थी जब एक साथ मंच पर ताल, लय और अनुशासन के साथ प्रस्तुति देते हैं, तो वे राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश देते हैं। उनकी प्रस्तुतियां दिखाती हैं कि विविधताओं के बावजूद भारत एक सूत्र में बंधा हुआ है यह आयोजन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत रूप में साकार करता है।
इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि आज 12 जनवरी है, राष्ट्रीय युवा दिवस है। स्वामी विवेकानंद ने भारत को यह विश्वास दिया था कि यूथ पावर ही नेशन की पावर है। उन्होंने कहा कि बैंड केवल गीत-संगीत या लय का परिचय नहीं है, बल्कि यह अनुशासन और आत्म-नियंत्रण का सशक्त प्रतीक भी है।
बैंड के दौरान किया जाने वाला मार्च-पास्ट हमें टीम भावना सिखाता है और यह भी सिखाता है कि जीवन में सबको साथ लेकर कैसे चला जाता है। उन्होंने कहा कि अगर एक क्षण की भी चूक हो जाए या समय पर धुन या कदम पीछे रह जाए तो पूरी टीम की लय और महीनों की मेहनत प्रभावित हो जाती है। इसलिए बैंड केवल सुरों और धुनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में टीम भावना, आत्म-अनुशासन और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को भी गहराई से स्थापित करता है।
विशेष है यह प्रतियोगिता
यह प्रतियोगिता भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा रक्षा मंत्रालय के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इसका संचालन दिल्ली सरकार के शिक्षा एवं खेल निदेशालय विभाग द्वारा किया जा रहा है। प्रतियोगिता 12 से शुरू होकर 13 जनवरी 2026 तक चलेगी। प्रतियोगिता में उत्तर भारत के 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ से लगभग 1000 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से 100 विद्यार्थियों का दल दिल्ली पहुंचा है।










