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अगले 25 साल तक लोकसभा की 543 सीटें ही रहनी चाहिए, इन्हीं सीटों पर तुरंत लागू हो एक तिहाई महिला आरक्षण- कांग्रेस

By Sharia Nasrah

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अगले 25 साल तक लोकसभा की 543 सीटें ही रहनी चाहिए, इन्हीं सीटों पर तुरंत लागू हो एक तिहाई महिला आरक्षण- कांग्रेस

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सोशल संवाद/डेस्क : कार्यसमिति ने बुधवार को हुई चार घंटे की बैठक में पेपर लीक को लेकर छात्रों के आंदोलन, चढ़ावा चोरी, अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ, ई-20 इथेनॉल जैसे देश के कुछ सबसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में देशभर के 800 शहरों में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया गया है। साथ ही, कार्यसमिति ने अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे को देशव्यापी स्तर पर उठाने का भी निर्णय लिया।

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इसके अलावा कार्यसमिति ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में हुई जनसभा के बाद मंच के शुद्धिकरण की भी कड़ी आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की।

इंदिरा भवन में चार घंटे तक चली इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की, जिसमें कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी, चार प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों समेत 88 सदस्य शामिल हुए।

बैठक के उपरांत पत्रकार वार्ता करते हुए केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कार्यसमिति के निर्णयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उनके साथ पार्टी के मीडिया व प्रचार (संचार विभाग) के अध्यक्ष पवन खेड़ा भी मौजूद थे।

पार्टी नेताओं ने बताया कि कार्यसमिति ने बार-बार पेपर लीक होने और दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता को लेकर चिंता जताई। साथ ही मानसून सत्र के दौरान सरकार को पूरी तरह से बैकफुट पर लाने में विपक्ष की भूमिका की एकमत से तारीफ की।

कार्यसमिति ने निर्णय लिया है कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 800 शहरों में आयोजित किया जाएगा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इसके साथ ही पार्टी के चारों मुख्यमंत्रियों को अगले एक महीने के अंदर अपने-अपने राज्यों में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर एक ठोस योजना पेश करने को कहा गया है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि बैठक में अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी गहन चर्चा हुई। कार्यसमिति ने फैसला लिया है कि श्रीराम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के मुद्दे को गांव-गांव तक जमीनी स्तर पर ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राज्य का विषय नहीं है, बल्कि पूरे देश का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया और बार-बार इसका श्रेय लिया। इसलिए प्रधानमंत्री को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और इस पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में हुई जनसभा के बाद मंच के शुद्धिकरण के पाप में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग शामिल हैं। इस घटना को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताते हुए और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए वेणुगोपाल एवं जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस कार्यसमिति ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग की है।

इसी के साथ कांग्रेस कार्यसमिति ने मोदी सरकार द्वारा चीन और अमेरिका के सामने सरेंडर करने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। जयराम रमेश ने कहा कि 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घुसपैठ पर चीन को क्लीन चिट दी थी। अब लद्दाख में कई जगह हमारे नागरिक नहीं जा सकते और भारतीय सेना का गश्त का अधिकार भी घटा दिया गया है। अरुणाचल में भी चीन घुसपैठ कर रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि बैठक में परिसीमन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस का मानना है कि अगले 25 साल तक लोकसभा की 543 सीटें ही रहनी चाहिए और इन्हीं सीटों पर एक तिहाई महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जाए।

केसी वेणुगोपाल ने यह भी बताया कि पूरे देश में पार्टी का ‘संगठन सृजन अभियान’ चल रहा है और पार्टी 31 अक्टूबर से पहले बूथ लेवल से लेकर राज्य स्तर तक संगठन को मजबूत करने की यह प्रक्रिया पूरी कर लेगी।

जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम नहीं होने से जुड़े एक प्रश्न पर जयराम रमेश ने इसे विश्वासघात बताया और कहा कि मोदी सरकार सही जाति जनगणना कराना ही नहीं चाहती है।

एक सवाल का जवाब देते हुए जयराम रमेश ने कहा कि वंदे मातरम पर कांग्रेस का रुख 1937 से स्पष्ट रहा है, जब वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति ने एक प्रस्ताव पास किया था। यह फैसला महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, रवींद्रनाथ टैगोर और दूसरे महान नेताओं की मौजूदगी में लिया गया था।

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