सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को मोदी सरकार की युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद परिसर में आवाज बुलंद की। इस दौरान वहां मौजुद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें प्रदर्शन करने से रोकने की कोशिश की, जिस पर वह बिफर पड़े। उन्होंने कहा कि देश की संसद, सांसदों की है, भाजपा की नहीं। युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आज संसद में आवाज उठाई। पुलिस ने युवाओं के सिर फोड़े और कपड़े फाड़े। लोकतंत्र के अंदर यह लाठीशाही नहीं चलेगी।

संजय सिंह ने कहा कि देश की संसद सांसदों की है, यह केवल भाजपा के नाम पर अलॉट नहीं हुई है। युवाओं के साथ हुई बर्बरता और मोदी जी की तानाशाही पूर्ण कार्रवाई के खिलाफ आज हमने संसद में आवाज उठाई और नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि सोमवार को नौजवानों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज ने जलियांवाला बाग कांड की याद दिला दी है। दिल्ली की सड़कों पर युवाओं का खून बहाया गया, उन्हें मारा और पीटा गया। पुलिस की जगह बिना नेम बैज पहने नकली लोगों ने नौजवानों को पीटा, उनके सिर फोड़े और कपड़े फाड़े। लोकतंत्र के अंदर यह लाठीशाही नहीं चलेगी।
संजय सिंह ने कहा कि 23 दिन से एक व्यक्ति अनशन पर है, लेकिन मोदी जी के अहंकार का आलम यह है कि उनसे बातचीत तक नहीं की जा रही है। प्रधानमंत्री जी को पूरी दुनिया में घूमकर मेलोडी चॉकलेट खाने और ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड की सैर करने की फुर्सत है, जो कि बिल्कुल ठीक बात नहीं है। उन्होंने कहा कि 2024 के नीट पेपर लीक के सभी आरोपियों को भी तो मोदी सरकार ने ही छोड़ा है, क्योंकि उनकी सीबीआई ने चार्जशीट ही फाइल नहीं की। मोदी जी ने उन पर अब तक क्या कार्रवाई की है?









