नए हाईवे पर 60 किमी से पहले टोल प्लाजा नहीं होंगे

By Riya Kumari

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नए हाईवे पर 60 किमी से पहले टोल प्लाजा नहीं होंगे

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सोशल संवाद/डेस्क : देश में अब नए हाईवे पर 60 किलोमीटर से पहले टोल नहीं होंगे। इसके लिए सरकार ने एसओपी जारी कर उसका सख्ती से पालन करने के लिए शीर्ष अधिकारियों की उच्च स्तरीय समिति गठित की है।

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वर्तमान में देशभर में 130 स्थान ऐसे हैं, जहां यात्रियों को यह दूरी (60 किमी) तय करने के लिए दो बार टोल टैक्स देना पड़ रहा है। इनमें से लगभग 22 टोल प्लाजा तो ऐसे हैं जो 30 किलोमीटर से भी कम की दूरी पर हैं। इस संबंध में सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 24 जून को एसओपी जारी की है। इसका पालन कराने के लिए एनएचएआई के सदस्य (कमर्शियल ऑपरेशन) की अध्यक्षता में टोल कमेटी गठित की है। इसमें मंत्रालय के अपर सचिव, संयुक्त सचिव (टोल), एनएचआईडीसीएल के एमडी सहित कई शीर्ष अधिकारी सदस्य हैं।

टोल कमेटी से अनुमति लेनी होगी

यदि निर्माण कंपनी ठेकेदार टोल प्लाजा 60 किलोमीटर से कम दूरी या किसी शहर की सीमा से 10 किलोमीटर के भीतर बनाना चाहता है तो उसे टोल कमेटी से विशेष अनुमति लेनी होगी। वह भी सड़क निर्माण शुरू होने से पहले। नियमों में कोई भी ढील देने से पहले कंपनियों को एडवांस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। नए नियमों में हाईवे का निर्माण 95 फीसदी पूरा होने तक टोल टैक्स की अधिसूचना हाल में जारी हो जानी चाहिए।

एक्सप्रेस वे पर सबसे कम दूरी पर टोल

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के गाजियाबाद के छिजारसी टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स के बीच की दूरी भी काफी कम है, जिसे लेकर स्थानीय लोग अक्सर विरोध जताते रहे हैं। पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाले अंबाला-चंडीगढ़ रूट (एनएच-152-एनएच-44) के इस हिस्से में भी कम दूरी पर कई टोल मौजूद हैं।

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