सोशल संवाद/डेस्क : स्वर्णरेखा नदी में मछलियों की अचानक और बड़ी संख्या में हो रही मौत ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। कभी जीवन और आजीविका का प्रमुख स्रोत रही यह नदी आज संकट के दौर से गुजर रही है। पानी की गुणवत्ता में गिरावट, प्रदूषण और ऑक्सीजन की कमी जैसी संभावित वजहों ने जलीय जीवन को गंभीर खतरे में डाल दिया है।

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नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों के लिए यह केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि आर्थिक संकट भी बन चुकी है। बड़ी मात्रा में मरी हुई मछलियां मिलने के कारण स्थानीय मछुआरे मजबूरी में इन्हें कम दामों पर बेच रहे हैं, ताकि उनका कुछ नुकसान कम हो सके। हालांकि, यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है, क्योंकि मरी हुई मछलियों का सेवन लोगों को बीमार कर सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो न केवल नदी की जैव विविधता खत्म हो जाएगी, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका भी संकट में पड़ जाएगी। प्रशासन और पर्यावरण विशेषज्ञों से मांग की जा रही है कि वे तुरंत जांच करें और प्रदूषण के स्रोतों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाएं।

यह समय है जब सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर इस गंभीर समस्या का समाधान निकालना होगा, ताकि स्वर्णरेखा नदी फिर से जीवनदायिनी बन सके और इसके किनारे बसे लोगों का भविष्य सुरक्षित रह सके।









