सोशल संवाद / जमशेदपुर : जमशेदपुर के चर्चित व्यवसायी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण के मामले में तीन दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस को अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। इस सनसनीखेज घटना ने न सिर्फ कारोबारी जगत, बल्कि पूरे शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
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पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अपहरण की साजिश बिहार के कुख्यात छोटू यादव–जॉन गिरोह ने रची थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस गिरोह ने जमशेदपुर के कुछ स्थानीय युवकों की मदद से पूरी योजना को अंजाम दिया। अपहरण के बाद परिजनों से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, अपहरण की योजना काफी सुनियोजित तरीके से बनाई गई थी। अपराधियों ने कैरव गांधी की दिनचर्या और आवाजाही पर पहले से नजर रखी थी। घटना के बाद से ही फिरौती की कॉल अलग-अलग नंबरों से आ रही हैं, जिससे पुलिस को तकनीकी जांच में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। टीम बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर संदिग्ध युवकों से पूछताछ भी तेज कर दी गई है।
एसपी स्तर के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही अपहृत कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा। वहीं, परिजनों की ओर से पुलिस से जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई गई है। शहर में इस घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।










