सोशल संवाद / डेस्क : Tibet Earthquake News: चीन के तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 65 लोग घायल हुए हैं। उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र में सैकड़ों मकान ढह गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
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नागकू क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान
भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र में था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र नागकू से लगभग 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व में था और इसकी गहराई करीब 18 किलोमीटर दर्ज की गई।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण कम से कम 339 घर और 20 पशुशालाएं ढह गईं। कई इलाकों में संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे नुकसान का आकलन करने में परेशानी आ रही है।
CCTV फुटेज में दिखी लोगों की दहशत
भूकंप के दौरान सामने आए वीडियो में इमारतों के अंदर सामान गिरते और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागते देखा गया। झटके महसूस होते ही कई लोग घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों तथा वाहनों में शरण ली।
प्रशासन को आशंका है कि भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक से भी खतरा बना रह सकता है। इसलिए प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
1,600 से ज्यादा बचावकर्मी राहत अभियान में जुटे
भूकंप के बाद प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने 1,600 से अधिक कर्मियों को अभियान में लगाया है। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आवास, टेंट, बिस्तर, टॉर्च और ठंड से बचाव के कपड़ों की व्यवस्था की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बचाव दल मलबे की जांच करने के साथ घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में जुटे हैं।
सड़क और रेल यातायात पर भी असर
भूकंप के कारण कुछ इलाकों में चट्टानें खिसकने और मलबा गिरने से सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। सुरक्षा जांच के लिए प्रभावित क्षेत्र से गुजरने वाली रेल सेवाओं को भी अस्थायी रूप से रोका गया। प्रशासन क्षतिग्रस्त मार्गों को साफ करने और परिवहन व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रहा है।
क्यों आता है तिब्बत में इतना शक्तिशाली भूकंप? Earthquake
तिब्बत भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र के पास स्थित है। इन प्लेटों की हलचल के कारण हिमालय और आसपास के इलाकों में भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। इसी वजह से यह क्षेत्र शक्तिशाली भूकंपों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाना, घायलों का इलाज कराना और क्षति का आकलन करना है। मृतकों और घायलों की संख्या में आगे बदलाव की संभावना बनी हुई है।










