सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब जमशेदपुर कोर्ट में बिना पास किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम यानी वीएमएस लागू किया जा रहा है, जिसके तहत कोर्ट परिसर में आने-जाने वालों का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होगा।
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पहले चरण में रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, धनबाद और देवघर के कोर्ट परिसरों में इस सिस्टम को लागू किया जा रहा है। सफल परीक्षण के बाद इसे राज्य के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। जैप-आईटी की ओर से विकसित इस व्यवस्था में अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मियों और अन्य स्टाफ को आरएफआईडी कार्ड दिए जाएंगे, जिससे सुरक्षित और तेज प्रवेश संभव होगा।
आम लोगों के लिए ई-पास की व्यवस्था की जा रही है। प्रस्तावित ऑनलाइन पोर्टल पर केस से जुड़ी जानकारी दर्ज कर आवेदन करना होगा। स्वीकृति मिलने पर ई-पास जारी होगा, जिसे दिखाकर ही प्रवेश मिल सकेगा। मुख्य द्वार पर भी पास बनाने की सुविधा रहेगी। इस व्यवस्था से अनावश्यक भीड़ कम करने और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
दरअसल, कोर्ट परिसरों में पहले भी गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। वर्ष 2016 में जमशेदपुर कोर्ट परिसर में गोलीबारी की वारदात में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। वहीं 2023 में हथियार के साथ एक आरोपी की गिरफ्तारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा के नए इंतजामों को जरूरी माना जा रहा है।










