सोशल संवाद / जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय समेत झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं और परिणामों में लगातार हो रही देरी के खिलाफ छात्रों ने आवाज बुलंद की है। जमशेदपुर छात्र, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता के बैनर तले छात्रों ने आज उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना देकर अपनी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया।
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धरना दे रहे छात्रों ने कहा कि समय पर परीक्षा आयोजित करना और निर्धारित समय-सीमा में परिणाम जारी करना छात्रों का अधिकार है, किसी तरह का उपकार नहीं। विश्वविद्यालयों में परीक्षा और रिजल्ट में हो रही देरी का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। हजारों छात्र समय पर परिणाम नहीं मिलने के कारण सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा में नामांकन और अन्य अवसरों से वंचित हो रहे हैं।
छात्रों ने राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि निर्धारित शैक्षणिक एवं परीक्षा कैलेंडर के अनुसार परीक्षाएं समय पर आयोजित कराई जाएं। साथ ही सभी लंबित परीक्षाओं के परिणाम तय समय-सीमा के भीतर जारी किए जाएं। छात्रों ने लंबित शैक्षणिक सत्रों को नियमित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और उसे सार्वजनिक करने की भी मांग की।
धरने के दौरान छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान छात्र-छात्राओं, महिलाओं और युवाओं के साथ कथित हिंसा एवं अभद्र व्यवहार के आरोपों का मुद्दा भी उठाया। छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। यह आंदोलन केवल छात्रों के शैक्षणिक अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा को लेकर है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक परीक्षा और परिणाम में देरी होने से विद्यार्थियों का समय और अवसर दोनों प्रभावित होते हैं।
धरना दे रहे छात्रों ने राज्य सरकार से मामले में सकारात्मक और त्वरित पहल करने की अपील की। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।









