सोशल संवाद/डेस्क: उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत करने की दिशा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने वर्ष 2018 के शिक्षक नियुक्ति नियमों में संशोधन करते हुए UGC (न्यूनतम योग्यताएं शिक्षक एवं अकादमिक स्टाफ की नियुक्ति एवं पदोन्नति) विनियम, 2025 का ड्राफ्ट तैयार किया है।

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इन प्रस्तावित नियमों के साथ शिक्षकों से जुड़े कई अहम पहलुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें कैडर अनुपात, परिवीक्षा अवधि और पुष्टि, अवकाश व्यवस्था, शिक्षण दिवस, अकादमिक शोध, प्रशासनिक जिम्मेदारियां, वरिष्ठता और शिक्षकों के लिए आचार संहिता शामिल हैं।
इन ड्राफ्ट विनियमों और दिशानिर्देशों का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 6 जनवरी 2025 को किया। इसके बाद यूजीसी ने इन्हें सार्वजनिक परामर्श के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है।
यूजीसी ने शिक्षकों, शिक्षाविदों, शैक्षणिक संस्थानों और आम लोगों से अपील की है कि वे इन नियमों पर अपने सुझाव और प्रतिक्रियाएं 5 फरवरी 2025 तक ई-मेल के माध्यम से भेजें। सुझाव भेजने के लिए ई-मेल आईडी draft-[email protected] जारी की गई है।
आयोग का मानना है कि इन नए नियमों के लागू होने से देश में उच्च शिक्षा के मानक और अधिक सुदृढ़ होंगे तथा शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा।










