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अमेरिकी दबाव में प्रधानमंत्री ने भारत के कृषि, ऊर्जा और डेटा हितों के साथ समझौता किया- राहुल गांधी

By Riya Kumari

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अमेरिकी दबाव में प्रधानमंत्री ने भारत के कृषि, ऊर्जा और डेटा हितों के साथ समझौता किया- राहुल
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सोशल संवाद / नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश के साथ विश्वासघात करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी दबाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के कृषि, ऊर्जा और डेटा हितों के साथ समझौता किया है।

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यूडीएफ की ‘पुथुयुग यात्रा’ के समापन के अवसर पर शनिवार शाम को केरल के तिरुवनंतपुरम में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि इस समझौते से अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे भारत के छोटे किसान तबाह हो जाएंगे। विशेष रूप से कपास, फल, दालें, मक्का और सोयाबीन क्षेत्र पर इसका बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वादा किया है कि भारत सिर्फ उसी देश से तेल खरीदेगा, जिससे अमेरिका चाहेगा। उन्होंने कहा कि आज भारत जैसे ताकतवर देश को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका से स्वीकृति लेनी पड़ रही है। इसके अतिरिक्त दुनिया की सबसे कीमती संपत्ति भारतीय डेटा को अमेरिका को सौंप दिया गया है।

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका से हर साल लाखों करोड़ के सामान को खरीदने का वादा भी किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ‘कम्प्रोमाइज्ड’ हैं; वे लगातार दबाव में हैं क्योंकि 35 लाख एपस्टीन फाइल्स अभी भी जारी नहीं की गई हैं। इन फाइल्स में मोदी के दो करीबी लोगों अनिल अंबानी और हरदीप पुरी का नाम आ चुका है। इसके अलावा, अमेरिका में अडानी के खिलाफ चल रहे मामले ने उन्हें डरा दिया है। इसी कारण प्रधानमंत्री स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नरेंद्र मोदी ट्रंप के नियंत्रण और क़ाबू में हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने केरल की सत्ताधारी पार्टी सीपीएम और भाजपा के बीच सांठगांठ का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जैसे ट्रंप मोदी को कंट्रोल करते हैं, उसी तरह मोदी केरल के मुख्यमंत्री को कंट्रोल करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्रीय एजेंसियां विपक्ष के अन्य नेताओं के पीछे तो पड़ी रहती हैं, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री या उनके परिजनों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? जिस प्रकार मोदी ट्रंप के नियंत्रण में हैं, उसी प्रकार केरल के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के दबाव में हैं। उन्होंने केरल में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी केंद्र और केरल की सरकार को निशाने पर लिया।

पवित्र सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सीपीएम के कई नेताओं को जेल भेजा गया, लेकिन जांच को शीर्ष स्तर तक पहुंचने से रोक दिया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में यूडीएफ की सरकार बनने पर मंदिर का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राहुल गांधी ने केरल को सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि एक ग्लोबल आइडिया बताया। उन्होंने स्थानीय क्रिकेटर संजू सैमसन को वर्ल्ड कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने विदेशों, खासकर मध्य-पूर्व में काम करने वाले केरलवासियों का भी जिक्र किया और कहा कि युद्ध को देखते हुए हमें सावधान रहना होगा और अपनी ताकत व अपने लोगों की रक्षा करनी होगी।

उन्होंने प्रदेश के लोगों के लिए घोषणा की कि यूडीएफ की सरकार आने पर केएसआरटीसी की बसों में सभी महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर की सुविधा मिलेगी। कॉलेज की छात्राओं को हर महीने एक हजार रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। वेलफेयर पेंशन बढ़ाकर तीन हजार रुपये हर महीने होगी। ओमन चांडी के नाम पर 25 लाख रुपये की नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम लागू की जाएगी। युवाओं को अपना व्यापार शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का बिना ब्याज का लोन मिलेगा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समर्पित मंत्रालय का गठन किया जाएगा।

इस दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, दीपा दासमुंसी, सनी जोसेफ, वीडी सतीशन, सादिक अली, रमेश चेन्निथला, अदूर प्रकाश, शशि थरूर, सचिन पायलट समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।

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