सोशल संवाद / डेस्क : Union Budget 2026-27 के साथ ही केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों को बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के लिए नया टैक्स स्ट्रक्चर लागू करने की घोषणा की, जो 1 फरवरी से तुरंत प्रभावी हो गया है। इसके बाद सभी कैटेगरी की सिगरेट की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
यह भी पढे : केंद्रीय बजट 2026-27: मानसिक स्वास्थ्य को बड़ी राहत, रांची में बनेगा निमहांस-2
सिगरेट महंगी क्यों हुई? जानिए नया टैक्स स्ट्रक्चर
अब तक सिगरेट पर 28% जीएसटी और कंपनसेशन सेस लगाया जाता था, जो 2017 से लागू था। लेकिन सरकार ने इस पुराने सिस्टम को खत्म कर दिया है।
अब नए ढांचे के तहत सिगरेट पर:
- नई एक्साइज ड्यूटी
- हेल्थ सेस
- नेशनल सिक्योरिटी सेस
- और लगभग 40% अधिक जीएसटी
लगाया जाएगा। इस तीन-स्तरीय टैक्स सिस्टम (Tax Triangle) ने सिगरेट की कीमतों को अचानक ऊपर पहुंचा दिया है।

₹10 वाली सिगरेट अब कितने की मिलेगी?
जो सिगरेट पहले करीब ₹10 प्रति स्टिक मिलती थी, अब उस पर ₹2 से ₹3 प्रति सिगरेट तक अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी जुड़ गई है।
इसका असर सीधे कीमतों पर पड़ा है:
- एक सिगरेट: ₹12–₹13
- 10 सिगरेट का पैक: ₹130–₹140 (ब्रांड और रिटेलर पर निर्भर)
नियमित धूम्रपान करने वालों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
लंबी और प्रीमियम सिगरेट पर ज्यादा टैक्स
सरकार ने सिगरेट की लंबाई के आधार पर टैक्स तय किया है, जिससे प्रीमियम सेगमेंट पर भारी मार पड़ी है।
- 65–70 मिमी सिगरेट: ₹3.6–₹4 प्रति स्टिक अतिरिक्त
- 70–75 मिमी सिगरेट: करीब ₹5.4 प्रति स्टिक ज्यादा
- डिजाइनर/नॉन-स्टैंडर्ड सिगरेट: ₹8.50 प्रति स्टिक तक टैक्स बढ़ोतरी
मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि कुछ प्रीमियम सिगरेट, जो पहले ₹15–₹18 प्रति स्टिक बिकती थीं, अब ₹70–₹72 तक पहुंच सकती हैं।
सरकार का मकसद क्या है?
इस टैक्स बढ़ोतरी के पीछे सरकार की मंशा साफ है। सिगरेट और तंबाकू उत्पादों को महंगा बनाकर सरकार इनका सेवन कम करना चाहती है, खासकर:
- युवाओं में
- पहली बार तंबाकू आजमाने वालों में
साथ ही यह कदम स्वास्थ्य सुधार और सार्वजनिक कल्याण की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।










