सोशल संवाद / डेस्क : UP Board Paper Leak News: उत्तर प्रदेश में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। UP Board इंटरमीडिएट संस्कृत परीक्षा का प्रश्नपत्र निर्धारित तिथि से करीब 20 दिन पहले ही खोल दिया गया। घटना सामने आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच के आदेश दिए गए।
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कहां का है मामला?
यह मामला आजमगढ़ जिले के पल्हना क्षेत्र स्थित मां शारदा इंटर कॉलेज, सिंहपुर सरैया का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इंटरमीडिएट संस्कृत विषय की परीक्षा 12 मार्च को होनी है, लेकिन केंद्र पर प्रश्नपत्र पहले ही खोल दिया गया।
इतना ही नहीं, केंद्र की ओर से यह रिपोर्ट भी भेजी गई कि परीक्षा में कोई छात्र उपस्थित नहीं हुआ। इस संदिग्ध रिपोर्ट के बाद अधिकारियों को शक हुआ और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

जांच के लिए पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही यूपी बोर्ड के वाराणसी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के सचिव विनोद राय, सहायक शिक्षा निदेशक नवल किशोर और प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार परीक्षा केंद्र पहुंचे।
अधिकारियों ने मौके पर दस्तावेजों की जांच की और केंद्र व्यवस्थापक व कर्मचारियों से पूछताछ की।
प्राथमिक जांच में क्या सामने आया?
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि:
- केंद्र व्यवस्थापक
- स्टेटिक मजिस्ट्रेट
- बाह्य केंद्र व्यवस्थापक
इन सभी ने परीक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया। तय तारीख से पहले प्रश्नपत्र खोलना परीक्षा की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य न सिर्फ नियमों के खिलाफ है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
खुले प्रश्नपत्र को किया गया दोबारा सील
जांच के दौरान खुले हुए प्रश्नपत्र को दोबारा सील कर सुरक्षित रखवाया गया। पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हर साल यूपी बोर्ड नकल रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़े नियम लागू करता है। लेकिन इस घटना ने परीक्षा की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है कि कहीं इससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित न हो।

नकल के खिलाफ सख्त कार्रवाई
इसी बीच बोर्ड परीक्षा के दौरान अलग-अलग जिलों में पांच सॉल्वर पकड़े गए हैं। इन सभी के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
अधिकारियों ने साफ किया है कि नकल या किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आजमगढ़ में इंटरमीडिएट संस्कृत प्रश्नपत्र समय से पहले खोले जाने की घटना ने यूपी बोर्ड परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।










