सोशल संवाद / डेस्क : अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनाव के नतीजों में भारतीय मूल के नेताओं ने अहम जीत दर्ज की है। डेमोक्रेटिक पार्टी की पिया डंडिया ने फ्लोरिडा, सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया और अरुणा मिलर ने मैरीलैंड में जीत हासिल की है। वहीं, रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को ओहियो के गवर्नर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। कई अन्य भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों के चुनावी नतीजों पर भी नजर बनी हुई है।
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US Election Results 2026: भारतीय मूल के नेताओं को मिली जीत
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के कई नेताओं ने अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई है। इन चुनावों में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा, राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के पदों के लिए मुकाबला हुआ। शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े भारतीय मूल के नेताओं ने प्रमुख सीटों पर जीत दर्ज की है।
1. पिया डंडिया ने फ्लोरिडा में दर्ज की जीत
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डंडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया। चुनाव से पहले पिया एक हाई स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में काम कर चुकी हैं। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका आकर बसे थे।
2. सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया में सीट बचाई
भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा जीत दर्ज की। वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य हैं और इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में सलाहकार के तौर पर काम कर चुके हैं।
3. अरुणा मिलर फिर बनीं मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर
अरुणा मिलर ने मैरीलैंड में दोबारा लेफ्टिनेंट गवर्नर का चुनाव जीत लिया है। वह डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के साथ चुनाव मैदान में थीं। भारत में जन्मीं अरुणा मिलर अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल हैं।
विवेक रामास्वामी को ओहियो में हार
रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ओहियो के गवर्नर पद का चुनाव हार गए। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें शिकस्त दी। रामास्वामी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिला था। इससे पहले वह राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी की दौड़ में भी शामिल हुए थे।
रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और अमी बेरा पर भी नजर
इन चुनावों में भारतीय मूल के कई अन्य प्रमुख नेता भी मैदान में थे। इनमें कैलिफोर्निया से रो खन्ना और अमी बेरा तथा वाशिंगटन राज्य से प्रमिला जयपाल जैसे डेमोक्रेटिक नेता शामिल हैं। इसके अलावा एरिजोना से अमीश शाह और लॉस एंजिलिस के मेयर पद की दौड़ में नित्या रमन भी चर्चा में रहे। इन नेताओं के चुनावी प्रदर्शन से अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भागीदारी एक बार फिर चर्चा में है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव क्यों हैं अहम?
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच होते हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान होता है। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर और स्थानीय पदों के लिए भी चुनाव होते हैं।
इन नतीजों से अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी की ताकत तय होती है। इसका असर राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे और अगले दो वर्षों की राजनीतिक दिशा पर पड़ सकता है।











