सोशल संवाद / डेस्क : टाटा स्टील संचालित बंद पड़ी विजय-2 लौह अयस्क खदान को दोबारा शुरू किए जाने की खबर के बीच झारखंड मजदूर यूनियन की बराईबुरु इकाई ने तेतलीघाटी गांव में बैठक आयोजित की। बैठक में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत शिक्षा, चिकित्सा और बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की मांग उठाई गई।
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बैठक में तेतलीघाटी, छोटानागरा, टाटिबा, बहदा और बाइहातु समेत आसपास के गांवों के दर्जनों ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान मजदूर यूनियन के नेताओं ने कहा कि खदान दोबारा शुरू होने पर पहले वहां काम कर चुके स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाना चाहिए। इसके अलावा खदान से प्रभावित और आसपास के जरूरतमंद ग्रामीणों को चरणबद्ध तरीके से काम उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
CSR के तहत शिक्षा और चिकित्सा सुविधा की मांग
यूनियन नेताओं ने कहा कि खदान के दोबारा संचालन के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में CSR के तहत शिक्षा, चिकित्सा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाना चाहिए। ग्रामीणों को इन सुविधाओं का लाभ मिलना जरूरी है।
नेताओं ने यह भी कहा कि विजय-2 खदान वर्षों से बंद होने के बावजूद कंपनी प्रबंधन की ओर से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी। इसके लिए उन्होंने टाटा स्टील प्रबंधन के प्रति आभार जताया।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में झारखंड मजदूर यूनियन की बराईबुरु इकाई के अध्यक्ष दिनबंधु पात्रो, सदस्य मधु सिंदू, दुलाल चंपिया, सुकराम सिंधू, लखन चंपिया और पंकज चंपिया सहित आसपास के कई ग्रामीण उपस्थित थे।
बैठक में ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विजय-2 खदान के पुनः शुरू होने की स्थिति में स्थानीय लोगों को रोजगार और क्षेत्र के विकास से जुड़ी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।











