Uttarakhand PG Doctors: PG के बाद 2 साल सरकारी अस्पताल में नौकरी जरूरी, उत्तराखंड में नए बॉन्ड की तैयारी

By Riya Kumari

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Uttarakhand PG Doctors: PG के बाद 2 साल सरकारी अस्पताल में नौकरी जरूरी, उत्तराखंड में नए बॉन्ड की तैयारी

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सोशल संवाद / डेस्क : Uttarakhand PG Doctors : उत्तराखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) करने वाले डॉक्टरों के लिए नियमों में बदलाव की तैयारी है। प्रस्ताव लागू होने के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज से PG की पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टरों को कम से कम 2 साल तक उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में सेवा देना अनिवार्य हो सकता है। इसके लिए PG में एडमिशन के समय ही डॉक्टरों से दो साल का सर्विस बॉन्ड कराया जाएगा।

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PG एडमिशन के समय ही होगा बॉन्ड

चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने नियमों में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PG कोर्स में प्रवेश लेने वाले MBBS डॉक्टरों के साथ दो साल की सेवा का बॉन्ड किया जाएगा।

इसका मतलब है कि PG की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टरों को निर्धारित अवधि तक उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवाएं देनी होंगी। प्रस्ताव का उद्देश्य राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करना बताया गया है।

260 PG सीटों पर लागू करने की तैयारी

उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PG की करीब 260 सीटें हैं। सरकार इन सभी सीटों को प्रस्तावित बॉन्ड व्यवस्था के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है।

प्रस्ताव के अनुसार डॉक्टरों को एडमिशन के समय ही सेवा की शर्तों की जानकारी दी जाएगी और उसी समय बॉन्ड कराया जाएगा। इसके साथ ही डॉक्टरों से 60 हजार रुपये सालाना फीस लेने का प्रावधान भी प्रस्ताव में रखा गया है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करना मकसद

उत्तराखंड में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी लंबे समय से एक चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञ डॉक्टरों के करीब 50 फीसदी पद खाली बताए जा रहे हैं।

सरकार का मानना है कि PG सीटों को बॉन्ड व्यवस्था के तहत लाने से पढ़ाई पूरी करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं कुछ वर्षों तक राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिल सकेंगी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए PG एडमिशन नियमों में बदलाव के निर्णय की जानकारी दी है।

पहले से भी रहा है सेवा बॉन्ड का प्रावधान

उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा विभाग के एक आधिकारिक सूचना दस्तावेज में भी सरकारी PG शिक्षा लेने वाले डॉक्टरों के लिए राज्य के सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्रों में न्यूनतम दो साल सेवा का प्रावधान दर्ज है। हालांकि, वर्तमान खबर में जिस व्यवस्था की बात की गई है, वह सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों की PG सीटों के लिए नए नियम के रूप में प्रस्तावित है।

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