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दीपूचंद्र दास हत्याकांड पर बंगाल में हिंसक प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

By Aditi Pandey

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Violent protests in बंगाल
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सोशल संवाद/डेस्क: पश्चिम बंगाल में पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर कथित हिंसा के विरोध में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को ‘बंगीय हिंदू जागरण’ के बैनर तले ‘हिंदू हुंकार पदयात्रा’ निकाली गई। पदयात्रा सियालदह से शुरू होकर बांग्लादेश उप-उच्चायोग कार्यालय की ओर बढ़ रही थी, लेकिन पुलिस ने उप-उच्चायोग तक पहुँचने से पहले इसे रोक दिया।

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प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। झड़प में कम से कम 12 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार हुए और कई लोगों को मामूली चोटें आईं। इस दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारी भगवा झंडा थामे नारेबाजी करते रहे और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ गुस्सा जताया।

प्रदर्शनकारियों ने दीपूचंद्र दास की हत्या के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। 18 दिसंबर को मैमनसिंह के बालुका में 25 वर्षीय दीपूचंद्र दास को फैक्ट्री में काम करते समय ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और बाद में पेट्रोल डालकर जला दिया था।

उप-उच्चायोग कार्यालय के पास सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों और बांग्लादेश के खिलाफ बढ़ते आक्रोश को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बंगाल पुलिस ऐसे बर्ताव कर रही है, जैसे वह बांग्लादेश में हुए हत्याकांड में शामिल लोगों को संरक्षण दे रही हो।

इससे पहले इस साल की शुरुआत में मुर्शिदाबाद में भीड़ द्वारा हिंदुओं पर हमला किया गया था, लेकिन पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में तत्परता नहीं दिखाई थी। प्रदर्शनकारी अब प्रशासन से न्याय और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

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