सोशल संवाद/डेस्क: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा पूर्व मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है की यह पत्र अरविंद केजरीवाल की दस साल की भ्रष्टाचार में लिप्त नाक्रातमक राजनीतिक एवं प्रशासनिक कार्यशैली की समीक्षा करता है और उन्हे राजनीतिक आईना दिखाता है।

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दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की दिल्ली के उपराज्यपाल विगत 3 साल से अधिक से दिल्ली के प्रथम नागरिक एवं सेवक के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली वालों ने भलीभांति देखा है की किस तरह उन्होने दिल्ली की तत्कालीन आराजक केजरीवाल सरकार से बचाते हुए दिल्ली वालों के लिए ना सिर्फ किसी तरह न्यूनतम जनसेवाओं को चालू रखा था बल्कि केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों एवं डी.डी.ए. के माध्यम से दिल्ली में अनेक विकास प्रोजेक्ट भी पूरे करवाये।
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है की केजरीवाल को लिखा 56 सूत्री पत्र बेशक लिखा उपराज्यपाल सक्सेना ने जरूर है पर उसका हर शब्द दिल्ली की जनता जो 10 साल जन समस्याएं झेलती रही थी उसके नागरिकों की पीड़ा को दर्शाता है।
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है की विगत दस माह से आम आदमी पार्टी के नेता प्रदूषण सहित हर विकास एवं रखरखाव मुद्दे पर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर टीका टिप्पणी करते हैं पर आज उपराज्यपाल के द्वारा “आप” नेता” अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र पर उनकी चुप्पी दर्शाती है की प्रदूषण नियंत्रण में विफलता, पार्टी वोलेंटियरस को सरकारी खजाने से वेतन देने, विभिन्न घोटाले करने, शराब घोटाला करने और कोविड़काल में अपना शीशमहल बनाने तक के उपराज्यपाल के सभी आरोप ठीक हैं।
सचदेवा ने कहा है की दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल द्वारा नवम्बर/ दिसम्बर में उपराज्यपाल श्री सक्सेना को प्रदूषण मुद्दे को ज्यादा गम्भीरता से ना लेने सम्बंधी दिये सुझाव की जानकारी पा कर स्तब्ध है और केजरीवाल से इस पर स्पष्टीकरण चाहती है।










