Dr Abhishek Child Care

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल मालदा पहुंचे:मुर्शिदाबाद हिंसा प्रभावित इलाकों और पीड़ितों से मिलकर केंद्र को भेजेंगे रिपोर्ट, ममता ने दौरा टालने की अपील की थी

By Riya Kumari

Published :

Follow
West Bengal Governor reached Malda:
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद /डेस्क : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस शुक्रवार को मालदा पहुंचे हैं। इसके बाद ट्रेन से मुर्शिदाबाद जाएंगे। यहां अगले 2 दिन राज्यपाल हिंसा प्रभावित इलाकों और शरणार्थी शिविरों का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा- मैं जमीनी स्थिति का जायजा लूंगा। वहां जो कुछ भी हुआ चौंकाने वाला है। किसी भी कीमत पर शांति स्थापित होनी चाहिए। बोस ने कहा कि वह पीड़ितों से मिलने के लिए जा रहे हैं और इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देंगे। उन्‍होंने कहा, ‘मैं पीड़ितों से मिलने और प्रभावित क्षेत्र से मिली जानकारी की पुष्टि करने के लिए वहां जा रहा हूं। मैं अस्पतालों, पीड़ितों के आवासों और राहत शिविरों में जाऊंगा।’ उनके साथ केंद्रीय बल और राज्य पुलिस भी।

यह भी पढ़े : CM नीतीश ने की ‘महिला संवाद’ अभियान की शुरुआत, 2 करोड़ महिलाओं तक पहुंचेगा सरकार का संदेश

इससे पहले गुरुवार को CM ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्यपाल से दौरा स्थगित करने का अनुरोध किया था। ममता ने कहा- मैं गैर-स्थानीय लोगों से अनुरोध करूंगी कि वे अभी मुर्शिदाबाद का दौरा न करें। राज्यपाल से कुछ और दिन प्रतीक्षा करने की अपील करूंगी। स्थिति सामान्य हो रही है। मैंने स्वयं प्रभावित इलाकों का फिलहाल दौरा नहीं करने का निर्णय लिया है।

उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर भी हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए मालदा रवाना हो गई हैं। इससे हिंसा पर बंगाल सरकार ने गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की है। इसमें ममता सरकार ने दावा किया कि हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले में स्थिति अब नियंत्रण में हैं। जस्टिस सौमेन सेन और राजा बसु चौधरी की बेंच ने हिंसा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

17 अप्रैलः ममता सरकार ने हिंसा पर रिपोर्ट पेश की 

जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस राजा बसु चौधरी की बेंच नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई की केंद्र की ओर से पेश हुए वकील ने संवेदनशीलता को देखते हुए मुर्शिदाबाद में सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की तैनाती बढ़ाने की मांग रखी।

वहीं, ममता सरकार ने एक रिपोर्ट पेश की। इसमें ममता सरकार ने दावा किया कि हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले में स्थिति अब नियंत्रण में हैं। कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अन्य सभी पक्षों को चेतावनी दी कि कोई भी भड़काऊ बयानबाजी न करे। कोर्ट ने कहा, “कृपया कोई भी भड़काऊ भाषण न दें। यह निर्देश सिर्फ किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए है।”

विरोध प्रदर्शन की इजाजत, लेकिन राज्य को चेतावनी

हालांकि कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर रहे। लेकिन अगर राज्य सरकार इसकी अनुमति देती है, तो वह खुद समस्या को आमंत्रण दे रही है।”

हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए बनेगी कमेटी

कोर्ट ने कहा कि हिंसा से प्रभावित लोगों की पहचान और उनके लिए भोजन और रहने की व्यवस्था के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी। यह समिति राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग (WBHRC) और राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (SLSA) के प्रतिनिधियों से मिलकर बनेगी।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Social Samvad Creator