सोशल संवाद / डेस्क : भारत में महिलाओं को मिलने वाले नौकरी के अवसर, सुरक्षा और काम के माहौल को लेकर लंबे समय से उत्तर और दक्षिण भारत की तुलना होती रही है। अब एक नई रिपोर्ट ने इस बहस को ठोस आंकड़ों के साथ सामने रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के लिए रोजगार, सुरक्षा और वर्क-लाइफ बैलेंस के मामले में दक्षिण भारत के शहर उत्तर भारत से आगे निकलते दिख रहे हैं।
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चेन्नई स्थित कंपनी अवतार की इस रिपोर्ट में देश के 125 शहरों का अध्ययन किया गया है। इसमें यह देखा गया कि महिलाएं कहां खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करती हैं, कहां उन्हें बेहतर नौकरियां मिलती हैं और कहां काम व निजी जीवन में संतुलन बनाना आसान है। नतीजों में दक्षिण भारत के शहरों का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा।
बेंगलुरु बना महिलाओं के लिए भारत का सबसे बेहतर शहर
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में महिलाओं के लिए भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर बेंगलुरु है। बेंगलुरु को कुल 53.29 अंक मिले हैं। आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और कॉरपोरेट सेक्टर में महिलाओं की मजबूत भागीदारी, सुरक्षित माहौल और समान अवसर इसकी बड़ी वजह मानी गई है।
चेन्नई को सामाजिक सुविधाओं में मिली बढ़त
दूसरे स्थान पर चेन्नई रहा, जिसे खास तौर पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और ट्रांसपोर्ट जैसी सामाजिक सुविधाओं में सबसे बेहतर आंका गया। रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत सामाजिक ढांचा महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ काम करने में मदद करता है।
पुणे और हैदराबाद में करियर और जीवन का संतुलन
तीसरे और चौथे स्थान पर पुणे और हैदराबाद रहे। इन शहरों में नौकरी के अच्छे अवसरों के साथ रहने योग्य माहौल भी मौजूद है, जिससे महिलाएं लंबे समय तक अपने करियर को आगे बढ़ा सकती हैं।
मुंबई में अवसर तो हैं, लेकिन चुनौतियां भी
मुंबई को पांचवां स्थान मिला। यहां रोजगार के अवसर भरपूर हैं, लेकिन तेज जीवनशैली और बढ़ती महंगाई महिलाओं के लिए चुनौती बनी हुई है।
उत्तर भारत में अब भी सुधार की जरूरत
उत्तर भारत में गुरुग्राम जैसे शहरों ने ठीक प्रदर्शन किया है, जहां कॉरपोरेट नौकरियां उपलब्ध हैं, लेकिन सुरक्षा और काम के बाद के माहौल को लेकर अभी और सुधार की जरूरत बताई गई है।










