: जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। कांग्रेस नेता और NSUI प्रभारी कन्हैया कुमार को दिल्ली पुलिस ने केरल हाउस से हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई केरल हाउस के रेजिडेंट कमिश्नर की ओर से दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद की गई।
क्या है पूरा विवाद?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कन्हैया कुमार अपने एक दोस्त के नाम पर बुक किए गए कमरे के सिलसिले में केरल हाउस पहुंचे थे। जब वहां के प्रशासन ने कमरा खाली न होने की बात कही, तो कन्हैया कुमार बात करने रेजिडेंट कमिश्नर पुनीत कुमार के पास पहुंचे।
दोनों पक्षों के बीच बातचीत धीरे-धीरे तीखी बहस में बदल गई। इसके बाद रेजिडेंट कमिश्नर ने स्थिति को बिगड़ता देख तुरंत दिल्ली पुलिस को फोन किया और कन्हैया कुमार को परिसर से बाहर निकालने का अनुरोध किया।
“राज्यपाल आ रहे थे, और राज्यपाल तो राजा होते हैं” — कन्हैया कुमार का तंज
पुलिस जब कन्हैया कुमार को अपने साथ ले जा रही थी, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत में पूरे वाकये पर तंज कसा। कन्हैया ने कहा:
“मुझे बताया गया कि केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर आज केरल हाउस आने वाले हैं। राज्यपाल आ रहे थे और राज्यपाल तो राजा होते हैं। मैं तो सिर्फ अपने दोस्त से मिलने आया था। यह घटना साफ तौर पर अमित शाह और दिल्ली पुलिस के रवैये को दर्शाती है।”
पुलिस स्टेशन ले जाए गए कन्हैया कुमार, कानूनी टीम सक्रिय
कन्हैया कुमार के दफ्तर की ओर से बयान जारी कर बताया गया है कि उन्हें दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। कन्हैया की लीगल टीम मामले की पूरी जानकारी कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है।
जुटा रही है और उन्हें जंतर-मंतर पर गर्माया माहौल जिस जगह यह घटना हुई, वह केरल हाउस जंतर-मंतर रोड पर स्थित है। जंतर-मंतर पर इन दिनों देश भर से आए छात्र पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कन्हैया कुमार इस आंदोलन में लगातार छात्रों का समर्थन कर रहे थे। इस घटना के बाद जंतर-मंतर के आसपास राजनीतिक सरगर्मी और ज्यादा बढ़ गई है।









